अमर उजाला फाउंडेशन: मनिका बत्रा ने कहा, सकारात्मकता से मिलती है जीत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला फाउंडेशन और माइंडस इग्नाइटेड के साझा प्रयास से आयोजित कार्यक्रम 'नजरिया- जो जीवन बदल दे' के दिल्ली चैप्टर में टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने शिरकत की। कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में गोल्ड मैडल जीतने वाली भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम की खिलाड़ी मनिका बत्रा ने ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर अपने खेल के प्रति जज्बे से दुनिया को हैरान कर दिया था। चार टूर्नामेंट्स में चार मैडल हासिल कर मनिका ने जादुई इतिहास तो रचा ही, साथ ही यह भी साबित कर दिया कि अगर खुद पर भरोसा और हार से सबक लेने की क्षमता हो तो कोई भी मुकाम हासिल करना मुश्किल नहीं होता।
कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा करते हुए मनिका कहती हैं, "एक महिला का किसी दूसरी सरजमीं पर टेबल टेनिस जैसे खेल में चार मेडल्स जीतना, जिसे आम तौर पर कोई फॉलो नहीं करता, बहुत बड़ी बात है। यह सपना पूरा करना बहुत मुश्किल था , पर मुझे मुश्किल जिंदगी जीना बहुत पसन्द है।" मनिका के ये शब्द देश के हर युवा, खासकर कि लड़कियों को ऊर्जा और खुद पर भरोसा करने के लिए प्रेरणा देते हैं। मनिका ने इस सफलता का श्रेय खुद के साथ साथ अपने परिवार के त्याग और कोच संदीप गुप्ता की कड़ी ट्रेनिंग को दिया।
मनिका ने आगे कहा कि "टेबल टेनिस फास्टेस्ट गेम है और इसे जीतना निर्भर करता है टेबल पर आपके तेज और सटीक प्रदर्शन पर जिसके लिए फिटनेस बहुत ही ज्यादा मायने रखती है।" उन्होंने कहा कि टॉप रैंकिंग वाले अंतर्राष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी ज्यादातर चीन से आते हैं और खेल में उनके जैसा प्रदर्शन करने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को अभी बहुत मेहनत की आवश्यकता है। मनिका खेलों में स्टीरियोटाइप सोच को तोड़ते हुए ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को प्रेरणा देना चाहती हैं और भारत को टेबल टेनिस में सबसे ऊंचे मुकाम पर देखना चाहती हैं।