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Goa: 26 जनवरी कार्यक्रम के लिए कर्मचारियों से चंदा लेने का आरोप, AAP, GFP ने सरकार को घेरा
Wed, 25 Jan 2023 01:43 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 25 Jan 2023 01:43 PM IST
सार
विजय सरदेसाई ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'चंदा है या वसूली? क्या गोवा सरकार पूरी तरह से कंगाल हो चुकी है कि अब गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के आयोजन के लिए सरकारी कर्मचारियों की जेब पर डाका डाल रही है?
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गोवा के सीएम प्रमोद सावंत
- फोटो : ANI
विस्तार
दक्षिण गोवा की जिलाधिकारी द्वारा 26 जनवरी कार्यक्रम के लिए सरकारी कर्मचारियों से चंदा मांगने का आरोप लगा है। आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने इस मुद्दे पर गोवा सरकार को निशाने पर ले लिया है। दोनों पार्टियों का आरोप है कि गोवा की सरकार ने सरकारी खजाने को खाली कर दिया है, जिसके चलते ऐसे हालात पैदा हो गए हैं कि चंदा लेकर गणतंत्र कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। हालांकि जिलाधिकारी ने सफाई देते हुए कहा है कि चंदा सामाजिक कल्याण के काम के लिए स्वेच्छा से इकट्ठा किया जा रहा है और इसका गणतंत्र दिवस कार्यक्रम से संबंध नहीं है।
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खबर के अनुसार, दक्षिण गोवा जिले की कलेक्टर ज्योति कुमारी ने बीती 19 जनवरी को एक सर्कुलर जारी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सर्कुलर में जिलाधिकारी ने लिखा है कि दक्षिण गोवा कलेक्ट्रेट द्वारा 26 जनवरी को मातानी सलदाना एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्पलैक्स में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सभी स्थायी स्टाफ और अधिकारी इस कार्यक्रम की सफलता के लिए चंदा देना चाहते हैं तो हर व्यक्ति एक हजार रुपए का योगदान दे सकता है। इस सर्कुलर में उन अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें यह चंदा लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब जिलाधिकारी के इस सर्कुलर पर घमासान मच गया है।
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गोवा फॉरवर्ड पार्टी के मुखिया विजय सरदेसाई ने इस सर्कुलर को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। विजय सरदेसाई ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'चंदा है या वसूली? क्या गोवा सरकार पूरी तरह से कंगाल हो चुकी है कि अब गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के आयोजन के लिए सरकारी कर्मचारियों की जेब पर डाका डाल रही है? सीएम प्रमोद सावंत और उनकी कैबिनेट के मेगा आयोजनों में खजाना खाली हो गया है और अब सरकार चंदे से सरकारी कार्यक्रम का आयोजन कर रही है!'
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गोवा में आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अमित पालेकर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'गोवा के मुख्यमंत्री कार्यक्रमों और फिजूलखर्ची पर खर्च करने के लिए आपके पास खूब पैसा है लेकिन गणतंत्र दिवस कार्यक्रम आयोजन के लिए आप सरकारी कर्मचारियों से पैसे इकट्ठे कर रहे हैं? आप पर धिक्कार है।' हालांकि विवाद के बाद कलेक्टर ने सफाई दी है। दक्षिण गोवा की कलेक्टर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि साफ कर दें कि यह गणतंत्र दिवस 2023 का कार्यक्रम नहीं है। 2019 में लिब्रेशन डे पर जिला मुख्यालय ने स्वैच्छिक तौर पर चंदा इकट्ठा कर चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट और ओल्ड एज होम के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया था। इसके बाद 2021 और 22 में कोरोना महामारी के चलते इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका। इस साल कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए ही चंदा इकट्ठा किया जा रहा है।