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Supreme Court: 'जाओ...लुधियाना में और स्वेटर बेचो', AI याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारी को लगाई फटकार

Tue, 10 Mar 2026 08:30 PM IST
Nirmal Kant न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Tue, 10 Mar 2026 08:30 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने लुधियाना के एक कपड़ा कारोबारी की पीआईएल खारिज कर दी, जिसने याचिका तैयार करने के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की। याचिकाकर्ता जटिल कानूनी शब्दों का अर्थ नहीं समझा सका, जिस पर कोर्ट को शक हुआ। सीजेआई सूर्य कांत ने तंज करते हुए कहा कि ऐसी याचिकाएं दायर करने के बजाय लुधियाना जाकर स्वेटर बेचो। पढ़ें रिपोर्ट-

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'Go sell some sweaters': SC junks AI-drafted PIL of Ludhiana cloth trader
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को लुधियाना के एक कपड़ा कारोबारी की ओर से दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। कारोबारी ने कोर्ट में माना कि उसने याचिका तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल का इस्लेमाल किया था। याचिकाकर्ता इसमें इस्तेमाल किए गए जटिल कानूनी शब्दों की व्याख्या नहीं कर सका।
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चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्य कांत ने पीआईएल खारिज करते हुए कहा, जाओ, लुधियाना में 2-3 और स्वेटर बेचो। ऐसी याचिका दायर करना जिन लोगों का काम है, वे आपका नुकसान कर देंगे और लागत आप पर लग जाएगी। 
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जस्टिस जॉयमाल्या बागची और आर महादेवन की पीठ तब सतर्क हुई, जब एक होजरी व्यापारी रजनीश सिद्धू पीएम केयर्स फंड से संबंधित याचिका पर बहस करने के लिए उठ खड़े हुए। सिद्धू ने कक्षा 12 तक पढ़ाई की है। सिद्धू ने याचिका को पढ़ना शुरू किया, तो सीजेआई ने उनकी शैक्षिक योग्यता और पृष्ठभूमि के बारे में पूछा। 
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जब याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने पहले कभी याचिका दायर नहीं की और सीधे सुप्रीम कोर्ट आए हैं, तो सीजेआई ने व्यंग्य करते हुए कहा, बहुत बहादुरी का काम किया, सीधे लुधियाना से चलके आ गए। सीजेआई ने कहा, मैं यहां आपकी अंग्रेजी का परीक्षा लूंगा। अगर आप 30 प्रतिशत भी अंक हासिल करते हैं, तो मैं मानूंगा कि आपने यह याचिका खुद तैयार की। 

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सिद्धू से पीआईएल में इस्तेमाल हुए 'फिड्यूशियरी रिस्क ऑफ कॉर्पोरेट डोनर्स' शब्द की व्याख्या करने को कहा गया, लेकिन वह इसे समझा नहीं पाए और केवल अपने नोट्स पढ़ने लगे। सीजेआई ने बीच में कहा, सिद्धू, इसे किसी वकील ने लिखा और आपको दिया है, आप केवल इसे पढ़ रहे हैं। उन्होंने पंजाब सतर्कता ब्यूरो से जांच कराने की चेतावनी भी दी।

सिद्धू ने बाद में कहा कि याचिका तैयार करने में मदद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट परिसर में काम करने वाले एक टाइपिस्ट का नाम लिया। उन्होंने बताया, टाइपिस्ट बहुत मददगार था… मैंने उसे चार जैकेट दीं। वह 1,000 रुपये प्रति घंटे मांग रहा था। आखिरकार उन्होंने माना कि उन्होंने याचिका तैयार करने के लिए तीन से चार एआई टूल्स का उपयोग किया, क्योंकि वह वकील की फीस नहीं दे सकते थे।



 
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