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Girl Donated By Father: पिता ने 100 रुपये के स्टांप पेपर पर बेटी को दान कर दिया, हाई कोर्ट ने कहा- लड़की कोई संपत्ति नहीं
Fri, 28 Jan 2022 07:46 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 28 Jan 2022 07:46 PM IST
सार
अगस्त 2021 को लड़की ने दोनों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
विस्तार
एक लड़की कोई संपत्ति नहीं है जिसे दान में दिया जा सकता है। बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने एक पिता द्वारा अपनी 17 वर्षीय बेटी को एक स्वयंभू बाबा को दान में देने के मामले में कड़ी आपत्ति जताते हुए यह टिप्पणी की। न्यायमूर्ति विभा कंकनवाड़ी ने इस महीने की शुरुआत में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार संत शंखेश्वर ढकने और उनके शिष्य सोपान धनके द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।
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100 रुपये के स्टांप पेपर पर दान कर दिया
दोनों आरोपी लड़की और उसके पिता के साथ जालना जिले के बदनापुर के एक मंदिर में रहते थे। अगस्त 2021 को लड़की ने दोनों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जस्टिस कंकनवाड़ी ने अपने आदेश में अभियोजन पक्ष की इस दलील पर ध्यान दिया कि 2018 में लड़की के पिता और ढकने के बीच 100 रुपये के स्टांप पेपर पर दानपत्र के रूप में एक दस्तावेज तैयार किया गया था।
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बताया गया कि लड़की के पिता ने अपनी बेटी को बाबा को दान कर दिया था और यह कन्यादान भगवान की उपस्थिति में किया गया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब लड़की नाबालिग है तो पिता जो हर तरह से अभिभावक है, उसने लड़की को दान के रूप में क्यों दे दिया?
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न्यायमूर्ति कंकनवाड़ी ने कहा कि एक लड़की कोई संपत्ति नहीं है, जिसे दान में दिया जा सकता है। यह एक परेशान करने वाली बात है। अदालत ने कहा कि उसे नाबालिग लड़की के भविष्य की चिंता है और वह अपनी आंखें बंद नहीं कर सकता। यह ऐसा मामला था जिसकी जालना जिले की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को तुरंत जांच करनी चाहिए थी और यह पता लगाने की जरूरत थी कि क्या लड़की को देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता है। हालांकि, अदालत ने दोनों आरोपियों को 25 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी और सुनवाई की अगली तारीख 4 फरवरी तय की है।