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यहां मिलता है फ्रीलांस काम, करोड़ों हैं सदस्य

Sat, 18 Feb 2017 08:33 PM IST
जो क्लीनमैन, बीबीसी हिंदी
जो क्लीनमैन, बीबीसी हिंदी Updated Sat, 18 Feb 2017 08:33 PM IST
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Get freelance work here, a billion members

अपनी मां का कहा एक काम करते हुए मैट बैरी ने एक ऐसी कंपनी बना डाली जिसकी कीमत आज 30 करोड़ डॉलर है। यह पोर्टल है 'फ्रीलांसर'। इस पर जुड़ कर लोग तरह-तरह का फ्रीलांस काम पाते हैं या काम के लिए लोगों को खोजते हैं। यह पोर्टल आठ साल पहले ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में शुरू किया गया था।

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फिलहाल सवा दो करोड़ लोग इससे जुड़े हुए हैं। इस पोर्टल पर मोबाइल ऐप बनाने से लेकर टैटू बनाने और विज्ञापन के काम में मदद करने तक के काम ढूंढे जा सकते हैं और उसी पर ये काम डाले जा सकते हैं। यह काम 43 साल के एक व्यावसायिक ने कर दिखाया जिन्होंने खुद कहा कि वे इसके पहले 'टूट चुके' थे।
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बैरी ने 2006 में अपना स्टार्ट अप टसेन्सरी नेटवर्क्स' छोड़ दिया था।

बैरी ने अपनी मां के लिए एक वेबसाइट बनाई।

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उनकी मां कला और हस्तकला की चीजें थोक में बेचा करती थीं। बैरी ने अपनी मां के लिए एक वेबसाइट बनाई। वे इससे उन दुकानों को जोड़ना चाहते थे जो ये चीजें बेचती थीं। वे इसके लिए वेबसाइट बनाना चाहते थे। इस काम के लिए वो कुछ लोग ढूंढ रहे थे पर उन्हें कोई नहीं मिला।

इसके बाद बैरी ने गेटअफ्रीलांसर के कुछ लोगों को रख लिया और कंपनी का काम शुरू कर दिया। इसके बाद से ही फ्रीलांसर क्लाउड अमेजन की सेवाएं देने लगा। अब तक यहां 570 कर्मचारी काम करने लगे और इसे टक्कर देने वाली 18 नई कंपनियां आ गईं। बैरी का कहना है कि उनकी कंपनी ने विकाशील देशों में करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल दी है।

वे कहते हैं, "आप ऐसी जगह भी हो सकते हैं जहां दिन भर के काम के बाद औसतन डेढ़ डॉलर की पगार मिलती हो। ऐसी जगह 'फ्रीलांसर' से जुड़ कर आप 150 डॉलर भी कमा सकते हैं। इस तरह आप महीने भर की कमाई कुछ दिनों में ही कर सकते हैं।"

अमरीकी अंतरिक्ष संस्था नासा ने भी साल 2015 में इस पोर्टल की मदद ली थी।

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कुछ लोगों ने उन्हें मेल किया जो इस काम के लिए 400 डॉलर से लेकर 1,500 डॉलर तक मांग रहे थे। अंत में भारत के एक आदमी ने सिर्फ 75 डॉलर लेकर तीन दिन में वह वेबसाइट बना दिया। अमरीकी अंतरिक्ष संस्था नासा ने भी साल 2015 में इस पोर्टल की मदद ली थी और अपने अंतरराष्ट्रीय स्टेशन के टूल की डिजाइन और रोबोट के बांह की डिजायन के लिए इस पर फ्रीलांसर को ढूंढा था।

उनका कहना है कि 'फ्रीलांसर' पर 46 फीसद काम ऊंची और मझोली बोली लगाने वालों को मिलता है। सॉफ्टवेअर कंपनी 'एचआर इंटरप्राइज जंगल' की एमा सिंक्लेअर कहती हं कि अब ज्यादा से ज्यादा कंपनियां अपने काम बाहर से करवाना पसंद करती हैं। उन्होंने कहा, "प्रतिभा तलाशने की यह आदर्श जगह है।

आप ऐसे कर्मचारियों से निजात पा जाते हैं जो अच्छा काम नहीं करते हैं या बहुत भरोसे के नहीं हैं।" कई लोगों ने यह पोर्टल खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है पर बैरी इस बारे में सोचते भी नहीं हैं। 

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