{"_id":"5c988412bdec2214787e3641","slug":"general-elections-2019-giriraj-singh-will-not-contest-from-beegusarai-loksabha-seat-of-bihar","type":"story","status":"publish","title_hn":"टिकट मिल गया तो दिल्ली में क्यों डेरा जमाए हैं गिरिराज सिंह, क्या बेगूसराय से नहीं लड़ेंगे चुनाव?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
टिकट मिल गया तो दिल्ली में क्यों डेरा जमाए हैं गिरिराज सिंह, क्या बेगूसराय से नहीं लड़ेंगे चुनाव?
Mon, 25 Mar 2019 01:02 PM IST
Nilesh Kumar
निलेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
निलेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Mon, 25 Mar 2019 01:02 PM IST
विज्ञापन
Giriraj Singh(File Photo)
- फोटो : PTI
भाजपा के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बारे में बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि नवादा से टिकट काट कर उन्हें बेगूसराय से उम्मीदवार घोषित करने पर वह खासे नाराज चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बेगूसराय से वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं से अपनी नाराजगी भी जाहिर की है।
विज्ञापन
बिहार में एनडीए द्वारा शनिवार को उम्मीदवारों की घोषणा के बाद जहां नेता अपने इलाकों का दौरा करने निकल चुके हैं, वहीं गिरिराज अबतक दिल्ली में ही डेरा जमाए बैठे हैं। बिहार लौटने का उनका कार्यक्रम फिलहाल स्थगित हो चुका है। हालांकि पार्टी के नेता गिरिराज को अब भी बेगूसराय से चुनाव लड़ने के लिए मनाने में लगे हैं।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो, टिकट बंटवारा होने से पहले गिरिराज सिंह के दिल्ली स्थित आवास पर भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय और बिहार चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव पहुंचे थे। इस दौरान गिरिराज सिंह ने दोनों नेताओं को तवज्जो नहीं दी थी। सूत्र बताते हैं कि नवादा से टिकट कटने की आशंका के बाद से गिरिराज सिंह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी मिलकर इस बारे में बात करने वाले थे।
विज्ञापन
मालूम हो कि नवादा सीट लोजपा के खाते में जाने के कारण उन्हें खाली सीट बेगूसराय से उम्मीदवारी दी गई है। भाजपा नेता भोला सिंह के पिछले साल अक्तूबर में निधन हो जाने के बाद से बेगूसराय सीट खाली हो गई थी।
गिरिराज सिंह लोकसभा चुनाव 2014 में बेगूसराय से चुनाव लड़ना चाहते थे, जोकि उनके गृहक्षेत्र बड़हिया (लखीसराय) से सटा हुआ है। तब, पार्टी ने उन्हें नवादा से टिकट दिया था और वह जीते भी। इस बार गिरिराज अपनी नवादा सीट नहीं छोड़ना चाहते थे, लेकिन उन्हें बेगूसराय से उम्मीदवार बना दिया गया।
दरअसल, जदयू के एनडीए में शामिल होने के बाद लोजपा की सीटिंग सीट मुंगेर जदयू नेता ललन सिंह के खाते में चली गई और इसके बदले में लोजपा को नवादा सीट मिल गई और यहां से गिरिराज सिंह का पत्ता कट गया।