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नोटबंदी से नहीं पड़ा जीडीपी पर असर, 7 फीसदी रही ग्रोथ

Tue, 28 Feb 2017 09:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 28 Feb 2017 09:03 PM IST
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 GDP growth was at 7% in the DeMonetisation period
भारत सरकार द्वारा मंगलवार को जारी दूसरे अग्रिम अनुमान में भी चालू वित्त वर्ष के लिए 7.1 फीसदी की विकास दर का अनुमान लगाया गया है जो कि पहले के अग्रिम अनुमान के बराबर है। इससे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का ज्यादा असर नहीं हुआ है। हालांकि इसी दिन जारी कोर सेक्टर के आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे इस्पात, बिजली आदि में दिसंबर 2016 के मुकाबले जनवरी 2017 के दौरान सुस्ती आई है। 
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 बीते जनवरी माह के दौरान कोर सेक्टर में पिछले साल जनवरी के मुकाबले 3.4 फीसदी की बढ़ोतरी रही जबकि दिसंबर 2016 के दौरान कोर सेक्टर में दिसंबर 2015 के मुकाबले 5.6 फीसदी का इजाफा हुआ था।
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केन्द्रीय सां ियकी संगठन -सीएसओ- द्वारा वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही के आंकड़ों के आधार पर तैयार अनुमान में कहा गया है कि इस वर्ष जीडीपी में विकास दर 7.1 फीसदी रहेगी। वित्त वर्ष 2015-16 में अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.9 फीसदी रही थी। वित्त वर्ष 2016-17 में आधार मूल्य पर सकल मूल्यवद्र्घित (जीवीए) विकास दर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। इससे एक साल पहले जीवीए विकास दर 7.8 फीसदी रही थी।
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गौरतलब है कि बीते आठ नवंबर को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। इसके बाद देश भर में नकदी की हुई भारी किल्लत से  विकास दर प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा था। इस बारे में कई अर्थशास्त्रियों ने विकास दर घटने की भविष्यवाणी की थी।

सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक यदि चालू वित्त वर्ष की सिर्फ तीसरी तिमाही की बात करें तो इस दौरान जीडीपी दर घट कर सात फीसदी रह गई है। चाालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में विकास दर में 7.4 फीसदी की बढ़ोतरी रही थी। वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही में जीवीए विकास दर 6.6 फीसदी रही है, जबकि इसी वर्ष दूसरी तिमाही में जीवीए विकास दर 7.1 फीसदी रही थी।
 


साल 2016-17 के लिए जीडीपी ग्रोथ 7.1 फीसदी रहने का अनुमान है। बताते चलें कि साल 2015-16 में यह ग्रोथ 7.9 फीसदी रही। 
  शक्तिकांत दास ने कहा, लोगों को भ्रमित किया गया था कि नोटबंदी का जीडीपी पर गलत प्रभाव पड़ेगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ और ग्रोथ 7 फीसदी रही। 
सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर से नवंबर के बीच जीडीपी 7.1 फीसदी की दर से बढ़ी, जबकि इसे 6.1 फीसदी रहने का अनुमान था। वहीं, मेन्युफेक्चरिंग सेक्टर 8.3 फीसदी की दर से बढ़ा, जिसके 7.1 फीसदी रहने का अनुमान था।


बताते चलें कि सीएसओ ने यह आंकड़े चुनाव आयोग से अनुमति लेने के बाद जारी किए हैं। इसके लिए कुछ शर्तें रखी गई थीं। 
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