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कर्नाटक: व्हिप के बावजूद विधानसभा में नहीं पहुंचे कांग्रेस के 9 विधायक
Wed, 06 Feb 2019 07:28 PM IST
अमित मंडल
भाषा, बेंगलूरु
भाषा, बेंगलूरु
Published by: अमित मंडल
Updated Wed, 06 Feb 2019 07:28 PM IST
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कर्नाटक में कांग्रेस के नौ विधायक व्हिप की अनदेखी करते हुये बजट सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही में बुधवार को उपस्थित नहीं हुए। अधिकारी और पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के नौ विधायकों में वे चार विधायक भी शामिल हैं जो 18 जनवरी को पार्टी के विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में अनुपस्थित थे । इनमें रमेश जरकिहोली, महेश कुमतल्ली, उमेश जी जाधव और बी नागेन्द्र शामिल हैं।
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अनुपस्थित रहने वाले विधायकों में जे एन गणेश भी शामिल हैं जो हाल ही में एक रिसोर्ट में साथी विधायक के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के बाद से फरार घोषित हैं। भाजपा पर नये सिरे से कुमारस्वामी सरकार को अस्थिर करने के प्रयास के आरोपों के बीच मंगलवार को सत्तारूढ़ जदएस-कांग्रेस गठबंधन के सभी विधायकों को एक व्हिप जारी किया गया था जिसमें उनसे बजट सत्र के सभी दिन विधानसभा में उपस्थित रहने के लिए कहा गया था।
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विपक्षी भाजपा ने जदएस-कांग्रेस सरकार की वैधता पर सवाल उठाये और विधानमंडल के संयुक्त सत्र की शुरूआत काफी हंगामेदार रही। भाजपा के सदस्यों ने राज्यपाल वजुभाई वाला के संबोधन में व्यवधान डाला जिसके कारण उन्हें अपना संक्षिप्त करना पड़ा।
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भाजपा सदस्यों ने राज्यपाल को रोकते हुए कहा, हम नहीं चाहते हैं कि झूठ का पुलिंदा पढ़ा जाए। सरकार बहुमत और विश्वास दोनो खो चुकी है। विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने छह फरवरी से 15 फरवरी के बीच चलने वाले सत्र में पार्टी विधायकों को शामिल होने के लिए बुधवार को दूसरा व्हिप जारी किया।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने वाले विधायकों को एक दूसरा नोटिस भेज कर उन्हें उपस्थित होने और बैठक में हिस्सा नहीं लेने के बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा है। विधायकों ने अभी इसका जवाब नहीं दिया है। ऐसे में चारों विधायकों के अब भी भाजपा के संपर्क में होने और पार्टी छोड़ सकने की अटकलें लगायी जा रही है।
सिद्धारमैया ने उल्लेख किया है कि पूर्व में नोटिस दिये जाने के बावजूद सीएलपी बैठक में भाग नहीं लेने वाले विधायकों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद ये विधायक सदन की बैठक में नहीं पहुंचे। महेश कुमतल्ली को भेजे एक पत्र में सिद्धारमैया ने कहा है, नौ दिन बीत जाने के बावजूद (पहला नोटिस जारी किये जाने के बाद), आपने अपनी अनुपस्थिति को लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। पत्र में कहा गया है, ऐसे में आपको छह फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान या पहले सीएलपी कार्यालय में मुझसे मिलने और अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया जाता है।
कांग्रेस के एक सूत्र ने बताया, अन्य तीन विधायकों को जारी किये गये पत्र की सामग्री एक समान है। कुमारस्वामी को कैबिनेट में शामिल नहीं किये जाने को लेकर कुछ विधायक कथित तौर पर पार्टी से नाराज हैं। रमेश जरकिहोली अभी भी पार्टी नेताओं के संपर्क में नहीं हैं और उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है। कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार को 15 जनवरी को उस समय झटका लगा था जब दो निर्दलीय विधायक एच नागेश और आर शंकर ने कुमारस्वामी सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।