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Digital Media: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व संचार मंत्री बोले- टेक कंपनियों के लिए नीतियां कैसी हों, यह सरकार तय करे

Thu, 19 Jan 2023 10:08 PM IST
Vibhas Sane विभास साने
Updated Thu, 19 Jan 2023 10:08 PM IST
सार

DNPA सम्मेलन 20 जनवरी को दिल्ली में हो रहा है। इसमें ऑस्ट्रेलिया के पूर्व संचार मंत्री और मौजूदा सांसद पॉल फ्लेचर बतौर विशेषज्ञ संबोधित करेंगे। 

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former Australian communications minister said govt should decide what policies it wants for tech companies
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व संचार मंत्री पॉल फ्लेचर। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

'फ्यूचर ऑफ डिजिटल मीडिया' विषय पर 20 जनवरी को होने जा रहे डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन के सम्मेलन में श्रोताओं के लिए पॉल फ्लेचर का संबोधन कई मायनों में विशेष रहेगा। फ्लेचर ऑस्ट्रेलिया के संचार मंत्री रहे हैं और अभी सांसद हैं। फ्लेचर के ही कार्यकाल में ऑस्ट्रेलिया में ऐसा कानून बना, जिसकी वजह से अब वहां बड़ी टेक कंपनियों के लिए आमदनी को डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स के साथ साझा करना जरूरी हो गया।

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इस सम्मेलन के लिए भारत आए फ्लेचर से 'अमर उजाला' ने खास बातचीत की। बातचीत के दौरान फ्लेचर ने बताया कि यह भारत की सरकार को तय करना है कि वह डिजिटल न्यूज मीडिया और टेक कंपनियों के बीच क्या व्यवस्था चाहती है। उन्होंने कहा, 'भारत में मीडिया को लेकर नीतियां क्या होंगी, यह भारत सरकार को देखना है। हम ऑस्ट्रेलिया में हमारे अनुभव को यहां साझा कर सकते हैं। यह जरूर कहूंगा कि भारत के आईटी सेक्टर ने असाधारण सफलता हासिल की है।'
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'कंटेंट न्यूज मीडिया बनाता है, फायदा टेक कंपनियां उठाती हैं'
फ्लेचर ने कहा कि टेक कंपनियां लोगों को आकर्षित करने के लिए जिस कंटेंट का इस्तेमाल कर रही हैं, उसे न्यूज मीडिया बनाता है। मुद्दा भारत, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका जैसे देशों में भी डिजिटल मीडिया की चुनौतियां ज्वलंत मुद्दा है। हर देश को अपने कानून बनाने हैं। महत्वपूर्ण बात है कि इससे जुड़े फैसले वहां की संप्रभु सरकारों को करने चाहिए, न कि फैसला टेक कंपनियों के हाथ में होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि डीएनपीए डिजिटल मीडिया के सामने मौजूद मुद्दे को परिभाषित कर सकता है और नीतियां क्या होनी चाहिए, इसकी सलाह दे सकता है। डीएनपीए जैसी संस्था का आकार लेना अच्छी पहल है। उम्मीद है कि सरकार इससे जुड़े साझेदारों की सलाह के मुताबिक भविष्य के फैसले करेगी। 

'भारत के आईटी सेक्टर ने असाधारण सेवाएं दीं'
फ्लेचर ने कहा कि टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसी कंपनियों की ऑस्ट्रेलिया में बड़े पैमाने पर मौजूदगी है। भारत ने आम नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाने में भी आईटी की बड़ी मदद ली है। यह असाधारण है। यह मोदी सरकार, आईटी सेक्टर और मोबाइल सेवा प्रदाताओं की सफलता है। 

डिजिटल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स 
डीएनपीए देश के 17 शीर्ष डिजिटल समाचार प्रकाशकों का संगठन है। शुक्रवार को होने वाले एक्सचेंज फॉर मीडिया - डीएनपीए डिजिटल कॉन्क्लेव में पहले डिजिटल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स भी दिए जाएंगे। डिजिटल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स का उद्देश्य डिजिटल प्रौद्योगिकी में होने वाले ऐसे नवाचार को प्रोत्साहित करना है, जिससे नागरिकों का जीवन बेहतर होता हो और राष्ट्र निर्माण को बढ़ावा मिलता हो। 
 

'एक्सचेंज फॉर मीडिया - डीएनपीए इम्पैक्ट अवॉर्ड्स 2023' के माध्यम से ऐसे आधुनिक डिजिटल प्रयासों को सम्मानित किया गया है, जिनके जरिए नागरिकों को अलग-अलग क्षेत्रों में त्वरित सेवाएं मिल रही हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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