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विदेश सचिव विजय गोखले ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से की मुलाकात, कई मामलों पर चर्चा
Mon, 22 Apr 2019 12:10 PM IST
आसिम खान
भाषा, बीजिंग
भाषा, बीजिंग
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 22 Apr 2019 12:10 PM IST
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भारत और चीन (फाइल फोटो)
- फोटो : social media
विदेश सचिव विजय गोखले ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से सोमवार को मुलाकात की और पिछले साल वुहान शिखर सम्मेलन के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति पर चर्चा की। गोखले ने बताया कि दोनों पक्ष निर्णयों को ‘एक दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशील’ तरीके से लागू कर रहे हैं।
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वांग और गोखले के बीच बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच कई मामलों को लेकर मतभेद की स्थिति है। इसमें पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रयासों को चीन द्वारा बार-बार बाधित करना शामिल है। वांग स्टेट काउंसलर भी हैं। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) में स्टेट काउंसलर ऊंचे स्तर का पद है।
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गोखले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीनी शहर वुहान में एक साल पहले मुलाकात की थी, जहां दोनों नेताओं के बीच कई मामलों पर आपसी समझ बनी थी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष वुहान में हुई बैठक में किए गए समझौतों को लागू करने के प्रयास कर रहे हैं।
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गोखले ने कहा, ‘हम भरोसे को मजबूत करने के लिए और समझ विकसित करने के लिए चीनी पक्ष के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि नेताओं की ओर से लिए गए फैसलों को लागू किया जा सके और इस तरीके से लागू किया सके जो एक दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशील हो।’
उन्होंने वांग की नई दिल्ली की यात्रा समेत वुहान शिखर सम्मेलन के बाद से हुईं राजनीतिक वार्ताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ‘इस साल चीन की यात्रा के लिए उत्सुक’ हैं। यहां रविवार को पहुंचे गोखले चीन के उप विदेश मंत्री कोंग शुआनयू के साथ सोमवार को विस्तृत वार्ता करेंगे। वांग ने कहा कि चीन और भारत पड़ोसी देश होने के साथ ही दो बड़े उभरते बाजार हैं और ‘एक दूसरे के रणनीतिक साझेदार’ हैं।
उन्होंने कहा, ‘यह महत्वपूर्ण है कि दोनों देश रणनीतिक संवाद बढ़ाने, आपसी राजनीतिक समझ विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मामलों पर रणनीतिक सहयोग मजबूत करने के लिए मिलकर काम करें।’ गोखले की यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब चीन अपनी बीआरआई परियोजनाओं को दिखाने के लिए अगले सप्ताह दूसरे ‘बेल्ट एंड रोड फोरम’ का आयोजन कर रहा है जो उसका सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय समारोह है।