{"_id":"5fb6c2c0abe4d3303f097681","slug":"foreign-ministry-said-talks-with-china-on-east-ladakh-border-will-continue-with-deadlock","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वी लद्दाख सीमा पर चीन के साथ गतिरोध को लेकर वार्ता रखेंगे जारी : विदेश मंत्रालय","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पूर्वी लद्दाख सीमा पर चीन के साथ गतिरोध को लेकर वार्ता रखेंगे जारी : विदेश मंत्रालय
Fri, 20 Nov 2020 12:43 AM IST
Kuldeep Singh
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 20 Nov 2020 12:43 AM IST
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत ने गुरुवार को कहा कि वह पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध को लेकर चीन के साथ सैन्य और राजनयिक माध्यमों से वार्ता और संवाद जारी रखेगा और दोनों देशों ने जल्द ही बातचीत के एक और दौर पर सहमति जताई है।
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने दोनों देशों की बीच जारी सैन्य वार्ताओं का जिक्र करते हुए ब्रिटिश समाचार पत्र 'द टाइम्स' की उस खबर को 'निराधार' बताकर खारिज कर दिया। जिसमें चीन के एक प्रोफेसर के हवाले से दावा किया गया था कि चीन की सेना ने पूर्वी लद्दाख में भारतीय सैनिकों को मोर्चे से पीछे हटने को मजबूर करने के लिये 'माइक्रोवेव हथियारों' का इस्तेमाल किया था ।
विज्ञापन
प्रवक्ता ने कहा कि सैन्य वार्ताओं का उद्देश्य पूरी तरह से पीछे हटना और पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना करना है। श्रीवास्तव ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में छह नवंबर को चुशुल में भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के बीच हुई आठवें दौर की बातचीत का भी जिक्र किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ये वार्ताएं स्पष्ट, गहन और रचनात्मक रहीं। दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गतिरोध वाले सभी बिंदुओं से पीछे हटने के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की।
प्रवक्ता ने कहा कि सैन्य वार्ताओं का उद्देश्य पूरी तरह से पीछे हटना और पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना है। हम सैन्य और राजनयिक माध्यमों से वार्ता जारी रखेंगे। दोनों देशों ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये जल्द ही बातचीत का एक और दौर शुरू करने पर सहमति जताई है।