इन 3 मायनों में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक से बड़ी है वायुसेना की यह कार्रवाई, 1971 में किया था ऐसा
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भारतीय वायुसेना ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ जवानों की शहादत का बदला ले लिया है। वायुसेना ने मंगलवार को पुलवामा हमले के 12 दिनों बाद पाकिस्तानी इलाके में जाकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया। वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट और पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद व चकोटी में कई आतंकी शिविरों को ध्वस्त किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, वायुसेना की इस कार्रवाई में 300 आतंकी मारे गए हैं। वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ठिकानों को तबाह किया। यह पहली बार है जब साल 1971 में पाकिस्तान से हुई लड़ाई के बाद 2019 में आतंकियों पर कहर बरसाने के लिए भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा को पार किया है।
वायुसेना की इस कार्रवाई में 12 मिराज-2000 फाइटर जेट विमानों ने आतंकियों के ठिकानों पर एक हजार किलो बम गिराए हैं। यह हमला हवाई चेतावनी एवं नियंत्रण तकनीक के जरिए किया गया है। वायुसेना की इस कार्रवाई को सर्जिकल स्ट्राइक 2 कहा जा रहा है। वायुसेना की यह कार्रवाई साल 2016 के उरी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक से कई गुना बड़ी है। यहां हम आपको वो तीन कारण बता रहे हैं जिसके चलते यह साफ हो जाएगा कि वायुसेना की यह कार्रवाई 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक से आखिर क्यों बड़ी है।
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48 साल बाद इतनी बड़ी कार्रवाई
उरी हमले के बाद भारत ने आतंकियों के खिलाफ 29 सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक की थी। यह सर्जिकल स्ट्राइक उरी में हुए आतंकी हमले के 11 दिनों बाद अंजाम दी गई थी। उरी हमले में भारत के 19 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर के कुपवाड़ा और पुंछ इलाके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। 26 फरवरी की कार्रवाई में भारतीय वायुसेना पाक अधिकृत कश्मीर में ही नहीं बल्कि पाकिस्तानी इलाके में भी गई और वहां बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को तबाह कर डाला। वायुसेना ने पीओके के मुजफ्फराबाद और चकोटी में भी आतंकियों के शिविरों को ध्वस्त किया।
1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के 48 सालों के बाद वायुसेना ने पहली बार पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और वहां जाकर आतंकी शिविरों को नष्ट किया। यहां तक कि 1999 के कारगिल युद्ध में भी भारतीय वायुसेना ने पाक अधिकृत कश्मीर को पार नहीं किया था।
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12 मिराज विमान से बरसाए 1000 किलो बम
सर्जिकल स्ट्राइक 2 पहली सर्जिकल स्ट्राइक से इसलिए भी बड़ी है कि जहां तीन साल पहले सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर में जाकर आतंकियों के खिलाफ जमीन से कार्रवाई की थी, इस बार हवाई कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई का स्केल बड़ा है और इसमें सीधे तौर पर वायुसेना ने पाकिस्तानी इलाके में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों को तबाह किया है। हालांकि, इस कार्रवाई को अभी आधिकारिक तौर पर सर्जिकल स्ट्राइक नहीं कहा जा रहा है। लेकिन इस कार्रवाई में मारे गए आतंकियों की तादाद 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक से कई गुना ज्यादा है।
पाकिस्तान की बौखलाहट और आपात बैठक
यह पहली बार है जब भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान में इस कदर तिलमिलाहट है। पाकिस्तान सेना और संसद में हड़कंप मचा हुआ है। भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के फौरान बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इस्लामाबाद में आपातकालीन बैठक बुलाई। इसमें सुरक्षा पर चर्चा हुई।