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एनएसजी पर चीन को नए सिरे से साधेगा भारत

Fri, 17 Feb 2017 04:33 AM IST
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 17 Feb 2017 04:33 AM IST
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 first meeting of the India China Strategic Dialogue
फाइल फोटो

दक्षिण चीन सागर विवाद में अमेरिका सहित कई अन्य महत्वपूर्ण देशों से कूटनीतिक मोर्चे पर उलझे चीन को भारत फिर से परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता और पाकिस्तान के आतंकी मौलाना मसूद अजहर पर प्रतिबंध केलिए राजी करने की कोशिश करेगा। इस कड़ी में भारत-चीन रणनीतिक वार्ता की पहली बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर बीजिंग में 22 फरवरी को अपने चीनी समकक्ष को साधने की कोशिश करेंगे। 

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खास बात यह है कि अमेरिका में ट्रंप युग के आगमन के बाद भारत और चीन के बीच पहली बार महत्वपूर्ण बातचीत का सिलसिला शुरू हो रहा है। रणनीतिक वार्ता के लिए तंत्र बनाने का प्रस्ताव चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बीते साल जुलाई महीने में भारत यात्रा के दौरान रखा था। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सहित अन्य मामलों पर भी गंभीर चर्चा होगी।
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गौरतलब है कि एनएसजी की सदस्यता और आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के मुखिया अजहर पर संयुक्त राष्ट्र के जरिए प्रतिबंध लगाने की कोशिशों पर चीन लगातार भारत के प्रयासों पर पानी फेरता रहा है। हालांकि अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने इन दोनों ही मामलों में अपने पूर्ववर्ती ओबामा सरकार से भी कड़ा रुख अपना कर चीन की परेशानी बढ़ाई है। 

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ट्रंप ने एनएसजी पर भारत के दावे का बढ़-चढ़ कर समर्थन किया

 first meeting of the India China Strategic Dialogue
फाइल फोटो
अमेरिका के नए राष्ट्ररपति डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ लेने के साथ ही जहां एनएसजी पर भारत के दावे का बढ़-चढ़ कर समर्थन किया है, वहीं अजहर और उसके संगठन पर प्रतिबंध लगाने के लिए अपनी ओर से संयुक्त राष्ट्र का दरवाजा खटखटाया था। नई सरकार दक्षिण चीन सागर विवाद भी बेहद आक्रामक है। हालांकि बड़ी सच्चाई यह है कि इस विवाद में भारत भी चीन के खिलाफ है।

सरकारी सूत्रों को उम्मीद है कि कूटनीतिक मोर्चे पर दुनिया के कई महत्वपूर्ण देशों से उलझा चीन एनएसजी की सदस्यता और अजहर पर प्रतिबंध के मामले में अपने पुराने रुख में लचीलापन ला सकता है। भारत इस वार्ता के दौरान चौतरफा घिरे चीन को साधने की हर संभव कोशिश करेगा। खासबात यह है कि विभिन्न मंचों के जरिए विभिन्न विवादित मुद्दों पर चर्चा करने वाले दोनों देशों ने पहली बार रणनीतिक वार्ता के मंच के जरिए बातचीत का सिलसिला शुरू करने पर हामी भरी है।

श्रीलंका और बांग्लादेश भी जाएंगे जयशंकर
इस महीने के तीसरे हफ्ते विदेश सचिव चीन के अलावा श्रीलंका और बांग्लादेश का भी दौरा करेंगे। दौरे की शुरुआत श्रीलंका से होगी, जहां 18 से 20 फरवरी तक विदेश सचिव अपने श्रीलंकाई समकक्ष के साथ वहां के राजनीतिक नेतृत्व से वार्ता करेंगे। इसके बाद विदेश सचिव चीन जाएंगे। चीन के बाद 23 और 24 फरवरी को ढाका जाएंगे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि पहली भारत-चीन रणनीतिक वार्ता में दोनों देश द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सभी मुद्दों पर बातचीत करेंगे। रणनीतिक वार्ता संबंधी तंत्र स्थापित करने पर सहमति चीनी विदेश मंत्री के जुलाई 2016 में की गई भारत यात्रा के दौरान बनी थी।
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