{"_id":"56ed7b124f1c1b7e628b4d58","slug":"fin-min-arun-jaitley-inauguration-of-the-parsi-exhibition-international-programme-2016","type":"story","status":"publish","title_hn":"'पारसियों ने खुद को कभी अल्पसंख्यक महसूस नहीं किया'","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
'पारसियों ने खुद को कभी अल्पसंख्यक महसूस नहीं किया'
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Sat, 19 Mar 2016 09:45 PM IST
सार
- पारसियों को बताया उदार और बड़े दिलवाला
- पारसी समुदाय की तारीफ
- विभिन्न क्षेत्रों में योगदान की तारीफ
विज्ञापन
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को पारसी समुदाय की तारीफ करते हुए कहा कि यह भारत का सबसे छोटा समुदाय है, लेकिन पारसियों ने कभी भी खुद को अल्पसंख्यकों की तरह पेश नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह ‘मानसिकता’ उन्हें दूसरों के लिए ‘आदर्श’ बनाती है। अल्पसंख्यक मामलों एवं संस्कृति मंत्रालयों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जेटली ने पारसियों को ‘उदार और बड़े दिलवाला’ बताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में योगदान की तारीफ की।
विज्ञापन
जेटली ने गुजरात के उदवाडा शहर को वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उदवाडा में ही सदियों पहले पारसी आए थे। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह एक तथ्य है कि भारत के सबसे छोटे समुदाय ने असल में खुद को कभी अल्पसंख्यक महसूस ही नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जब ईरान में हालात खराब हो गए तब पारसी भारत आए और अपनी संस्कृति को सुरक्षित रखते हुए क्षमताओं का प्रदर्शन किया। वे उद्योगों, सेना, कानून, वास्तुशिल्प और लोकसेवा जैसे सभी क्षेत्रों में शीर्ष पर पहुंचे।
विज्ञापन