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मुंबई फर्जी कॉल सेंटर मामला: अमेरिकी एजेंसी FBI भी करेगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो/ मुंबई
Updated Sat, 15 Oct 2016 03:46 AM IST
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मुंबई से सटे मीरा रोड में फर्जी कॉल सेंटर के जरिए हजारों अमेरिकी नागरिकों से ठगी मामले की जांच में अब अमेरिकी एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) की टीम भी शामिल हो गई है। शुक्रवार को एफबीआई की टीम मुंबई पहुंची और ठाणे पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह से मुलाकात कर जांच में अब तक हुई प्रगति का जायजा लिया। ठाणे पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी पराग मानेरे ने इसकी पुष्टि की है।
डीसीपी पराग मानेरे ने बताया कि शुक्रवार को एफबीआई अधिकारी पुलिस आयुक्तालय आए और पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह से मुलाकात कर एक दूसरे के साथ इस रैकेट से संबंधित जानकारी साझा की। चूंकि यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का रैकेट है इसलिए ठाणे पुलिस और एफबीआई संयुक्त रूप से मामले की जांच कर सकते है। इससे दुबई में जा छुपे इस रैकेट के सरगना के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई संभव हो सकेगी। पुलिस ने मामले में हवाला कारोबारियों से भी पूछताछ शुरू की है। इसके अलावा वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट और आईटी एक्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है।
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ठगी के रकम की बरामदगी बड़ी चुनौती है क्योंकि ज्यादातर रकम बैंक से निकालकर खर्च कर दी गई है। ठाणे पुलिस ने बीते चार अक्टूबर को इस रैकेट का पर्दाफाश किया था जहां, अमेरिकन खासकर अप्रवासी भारतीयों से टैक्स रिवीजन के नाम पर ठगी की जाती थी। इस मामले में 72 लोगों कों गिरफ्तार किया गया है जबकि इस रैकेट का सरगना सागर ठक्कर, सागर की बहन रीमा ठक्कर, राहुल उर्फ कटप्पा, नीरज जिगर थॉमस, प्रोसेस सिंह, उमेश कोठारी, मोहम्मद अली, राम सिंह, मुर्तुजा, तपेश गुप्ता, जिमी पटनी, रचित जोशी, जय, दिनेश आदि अब भी फरार हैं। इन पर अमेरिकी नागरिकों से 500 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
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डीसीपी पराग मानेरे ने बताया कि शुक्रवार को एफबीआई अधिकारी पुलिस आयुक्तालय आए और पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह से मुलाकात कर एक दूसरे के साथ इस रैकेट से संबंधित जानकारी साझा की। चूंकि यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का रैकेट है इसलिए ठाणे पुलिस और एफबीआई संयुक्त रूप से मामले की जांच कर सकते है। इससे दुबई में जा छुपे इस रैकेट के सरगना के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई संभव हो सकेगी। पुलिस ने मामले में हवाला कारोबारियों से भी पूछताछ शुरू की है। इसके अलावा वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट और आईटी एक्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है।
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वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ठगी के रकम की बरामदगी बड़ी चुनौती है क्योंकि ज्यादातर रकम बैंक से निकालकर खर्च कर दी गई है। ठाणे पुलिस ने बीते चार अक्टूबर को इस रैकेट का पर्दाफाश किया था जहां, अमेरिकन खासकर अप्रवासी भारतीयों से टैक्स रिवीजन के नाम पर ठगी की जाती थी। इस मामले में 72 लोगों कों गिरफ्तार किया गया है जबकि इस रैकेट का सरगना सागर ठक्कर, सागर की बहन रीमा ठक्कर, राहुल उर्फ कटप्पा, नीरज जिगर थॉमस, प्रोसेस सिंह, उमेश कोठारी, मोहम्मद अली, राम सिंह, मुर्तुजा, तपेश गुप्ता, जिमी पटनी, रचित जोशी, जय, दिनेश आदि अब भी फरार हैं। इन पर अमेरिकी नागरिकों से 500 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
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