फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Farmers Protest: Farmers started Trolley Times newspaper to spread their message to public

अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए किसानों ने निकाला अखबार, युवाओं ने संभाला प्रदर्शन का जिम्मा

Fri, 18 Dec 2020 04:23 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 18 Dec 2020 04:23 PM IST
सार

शुरुआती दौर में किसान केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोल रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे किसान अब प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोल रहे हैं। प्रदर्शन स्थल से प्रधानमंत्री मोदी, अंबानी और अडानी के सांठगांठ के नारे लगाए जा रहे हैं...

विज्ञापन
Farmers Protest: Farmers started Trolley Times newspaper to spread their message to public
Trolly Times - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नए कृषि कानूनों को लेकर सिंघु बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन 23 दिन से जारी है। ठंड का प्रकोप भी किसानों की हिम्मत को टस से मस नहीं कर पा रहा है। बॉर्डर पर बढ़ती शीत लहर को देखते हुए किसानों ने प्रदर्शन की व्यवस्था बदल दी है। सुबह से लेकर दोपहर तक के प्रदर्शन का जिम्मा अब बुजुर्ग किसानों के पास है। वहीं, शाम और रात को नौजवानों ने मोर्चा संभाल लिया है।

विज्ञापन


प्रदर्शन में शामिल होने आए कुछ लोग किसानों के हक की बातों को पहुंचाने के लिए हिंदी और पंजाबी भाषाओं में अखबार और पैम्फलेट भी बांट रहे हैं। किसान समर्थक लोगों ने अखबार का नाम ट्रॉली टाइम्स दिया है।

विज्ञापन

10 बजे से शुरू हो जाता है सरकार को घेरने का दौर

ऐसे तो प्रदर्शन स्थल पर सुबह 4 बजे से ही लोग अपने कामों में जुट जाते हैं, लेकिन दस बजे के बाद प्रदर्शन स्थल पर किसान जुटना शुरू हो जाते हैं। इसके बाद बुजुर्ग किसान नेता मंच से लोगों को संबोधित करते हैं। ये सिलसिला दोपहर दो से तीन बजे तक लगातार चलता रहता है। शाम को कीर्तन के बाद ये मोर्चा नौजवान किसान संभाल लेते हैं। रात 10 बजे तक युवा किसान केंद्र सरकार पर हमलावर होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन



किसान नेता सुखविंदर ने अमर उजाला को बताया कि ठंड के प्रकोप को देखते हुए हमने प्रदर्शन स्थल की व्यवस्था थोड़ी बदल दी है। पहले बुजुर्ग किसान नेता ही मंच पर किसानों को संबोधित करते थे। लेकिन अब सुबह और दोपहर के दौर में बुजुर्ग किसान आगे रहते हैं। शाम के वक्त युवा किसान शामिल होते हैं। ऐसे में सभी लोगों को अपनी बातें किसानों तक पहुंचाने का मौका मिल रहा है। वहीं युवा लोगों को भी बुजुर्गों का मागदर्शन हासिल हो रहा है।

किसान अखबार के जरिए रख रहे हैं अपनी बात

शुरुआती दौर में किसान केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोल रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे किसान अब प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोल रहे हैं। प्रदर्शन स्थल से प्रधानमंत्री मोदी, अंबानी और अडानी के सांठगांठ के नारे लगाए जा रहे हैं।



इधर, किसानों की बात लोगों तक पहुंचाने के लिए कुछ लोगों ने प्रदर्शन स्थल पर अखबार और पैम्फलेट वितरित करना भी शुरू कर दिया है। ट्रॉली टाइम्स नाम से निकाले जा रहे इस चार पेज के अखबार में किसानों की दिनचर्या, किसान नेताओं के इंटरव्यू और प्रदर्शन में शामिल होने आए किसानों के किस्से छापे जा रहे हैं। हिंदी और पंजाबी भाषा में प्रकाशित हो रहे अखबार में देशभर में किसान आंदोलन से जुड़ी हर अपडेट भी होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed