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Exclusive: PM मोदी बोले- स्थायी रूप से बेरोजगार होने जा रहा विपक्ष, लोगों ने 400 पार के नारे को आत्मसात किया

Mon, 20 May 2024 08:31 AM IST
Indushekhar Pancholi इंदुशेखर पंचोली
Updated Mon, 20 May 2024 08:31 AM IST
सार

पीएम ने कहा, "हमारी योजनाओं के लाभार्थियों में बड़ी संख्या मुस्लिम समाज की है। उन्हें भी लगता है कि भाजपा सरकार है, तो उन्हें सारी सुविधाएं मिल रही हैं। यह सरकार नहीं होती तो उन्हें इन मूलभूत चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ता।"
  • Exclusive Interview: पीएम मोदी बोले- 100 दिनों का एक्शन प्लान हमारे पास पहले से ही...इस पर काम जारी
     
  • Special Interview: प्रधानमंत्री मोदी बोले- अपने पाप व दाग छिपाने के लिए झूठ की फैक्टरी चला रहे कांग्रेसी
     
  • PM Narendra Modi Interview: 'आज देश में एक मजबूत सरकार है, जो दुश्मनों को जवाब देना जानती है...'
     
  • PM Modi Interview: अमर उजाला से बोले प्रधानमंत्री, काशीवासियों के प्रेम का मैं कर्जदार; 10 साल में बना बनारसी

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Exclusive Interview: PM Modi said - Opposition is going to become permanently unemployed
पीएम मोदी का इंटरव्यू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लगातार तीसरी बार सरकार बनाने को लेकर पूरे विश्वास में दिख रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि इंडी गठबंधन के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए हड़बड़ाहट में है। वह तुष्टीकरण के लिए आरक्षण में सेंध लगाने में जुटा है। अभी तक हमारे जिन कार्यों का वे मजाक उड़ाते थे, अब वही काम करने का वादा करने लगे हैं। तय मानिए कि इस चुनाव के बाद विपक्ष स्थायी रूप से बेरोजगार होने जा रहा है। पीएम मोदी स्पष्ट कहते हैं कि तुष्टीकरण की नीति से मुस्लिम समाज का भला नहीं हो सकता। मुस्लिम समाज को सोचना चाहिए कि उन्हें कांग्रेस के 6 दशक में क्या मिला और पिछले 10 साल में उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिलीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. इन्दुशेखर पंचोली को दिए विशेष साक्षात्कार में हर मुद्दे पर खुलकर जवाब दिया...
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चुनाव पांचवें चरण में पहुंच गया है। आज की स्थिति में आप भाजपा को अकेले और एनडीए को कहां खड़ा पाते हैं?
2024 का चुनाव शुरू होने से पहले एक बात की चर्चा विशेष तौर पर की जा रही थी कि दुनिया में पहली बार किसी सरकार की तीसरी पारी को लेकर लोगों में अभूतपूर्व उत्साह दिख रहा है। चार चरणों के चुनाव के बाद मैं यह विश्वास के साथ कह सकता हूं कि जिस ऊर्जा और उत्साह के साथ भारत के लोगों ने इस चुनावी मिशन को शुरू किया था, वह कम नहीं हुआ है। हर चरण के साथ लोगों का यह संकल्प और मजबूत हुआ है कि भाजपा को 370 और एनडीए को 400 से अधिक सीटें देनी हैं। सीटों की यह गिनती लोगों के बीच से ही आई है। ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इनके साथ लोगों की भावनाएं भी जुड़ी हैं। केंद्र की भाजपा सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 खत्म किया, इससे लोगों ने मन बनाया कि भाजपा को 370 सीटों पर जीत दिलानी है। यहीं से एनडीए के लिए 400 सीटों से पार का नारा बुलंद हुआ।
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आज जब मैं देश के अलग-अलग हिस्सों में रैलियों के लिए जाता हूं, तो देखता हूं कि लोगों ने 4 जून, 400 पार के नारे को आत्मसात कर लिया है। यह नारा, अपनी भावना प्रकट करने का माध्यम बन गया है। इसीलिए, विश्वास के साथ कह पा रहा हूं कि इस बार 400 से ज्यादा सीटों के साथ देश में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनने जा रही है।
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आपने हाल ही में कहा था कि एनडीए प्लस में बीजद और वाईएसआरसीपी भी हैं। जबकि स्थिति यह है कि भाजपा का ओडिशा में बीजद से गठबंधन नहीं हो पाया। आंध्र में आप जिस तेदेपा के साथ गठबंधन में हैं, वाईएसआरसीपी उसकी प्रतिद्वंद्वी है। क्या भविष्य में भी ये दोनों दल पहले की तरह संसद में आपका सहयोग करते रहेंगे?
इनमें से अधिकतर पार्टियों के खिलाफ हम पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं। हां, आपकी यह बात सही है कि इन पार्टियों ने देशहित के मुद्दों पर हमें सपोर्ट किया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हमें राज्य के विकास की चिंता है। हम वहां के लोगों को भ्रष्टाचार और अराजकता से बाहर लाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि आंध्र और ओडिशा के लोगों को भी केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। हम चाहते हैं कि दोनों राज्यों में इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेज गति से विस्तार हो, युवाओं को रोजगार के अवसर मिले, महिलाओं को सुरक्षा का एहसास हो।

भाजपा का संकल्प है कि इन राज्यों में हमारी सरकार बनने के बाद वहां की संस्कृति और परंपराओं को और समृद्ध किया जाएगा। मैंने ओडिशा के लोगों को गारंटी दी है कि 10 जून को ओडिशा की मिट्टी से निकला व्यक्ति सीएम पद की शपथ लेगा। भाजपा उड़िया संस्कृति और गौरव की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

अपने पाप छिपाने के लिए झूठ का सहारा ले रही कांग्रेस 
कांग्रेस समेत विपक्ष का कहना है कि मोदी तीसरी बार आए तो संविधान बदल देंगे? आपने कहा भी कि ऐसा कुछ नहीं होना है? इसके बावजूद इस मुद्दे को विपक्ष छोड़ नहीं रहा है?
भाजपा विकास के नारे को लेकर जनता के बीच जा रही है। जब हम विकसित भारत की बात करते हैं, तो जनता का हम पर विश्वास और मजबूत होता है, क्योंकि लोगों ने हमारे 10 साल में विकास को धरातल पर उतरते देखा है। लेकिन जब लोग कांग्रेस के 60 साल को देखते हैं, तो निराशा से भर जाते हैं। लोगों में इस बात का आक्रोश है कि कांग्रेस ने देश के 60 साल खराब कर दिए।

आप देखेंगे कि इंडी गठबंधन के 10 साल को अब भी लोग घोटालों के लिए याद करते हैं। इनके पास न तो देश के लिए कोई विजन है, न बेहतर भविष्य के लिए कोई योजना। ये लोग उस सोच के व्यक्ति हैं कि जब अपनी लकीर बड़ा ना कर पाओ तो दूसरे की छोटी करने में जुट जाओ। इंडी गठबंधन पूरी ताकत लगाकर यही कर रहा है। वह झूठ और प्रपंच की राजनीति करके चुनाव जीतना चाहता है। इंडी गठबंधन ने झूठ की पूरी फैक्टरी ही खोल दी है। वहीं से संविधान पर इनका झूठ बाहर आया है।

कांग्रेस अपने पाप छिपाने के लिए झूठ का सहारा ले रही है। संविधान के साथ सबसे ज्यादा छेड़छाड़ कांग्रेस के कार्यकाल में ही हुई है। छह दशकों में संविधान की आत्मा को बार-बार चोट पहुंचाने का काम कांग्रेस ने किया है। और ये काम कांग्रेस ने संविधान बनने के साथ ही शुरू कर दिया था। कांग्रेस ने सबसे पहले संविधान की मूल प्रति पर प्रहार किया, उसमें बदलाव कर दिया। फिर संविधान की आत्मा पर प्रहार किया और अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा लगाने की कोशिश की। फिर संविधान की भावना पर बार-बार प्रहार किया और राज्यों की चुनी हुई सरकारों को हटा दिया। कांग्रेस के सिर पर इमरजेंसी लगाकर संविधान को खत्म कर देने का सबसे बड़ा पाप है। कांग्रेस किसी तरह इस पाप को धोना चाहती है, लेकिन देश की जनता इस सत्य को नहीं भूल सकती। अब पूरा इंडी गठबंधन हम पर यह आरोप चिपकाना चाहता है, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल रही।

विपक्ष तीन मुद्दे पूरे जोर से उठा रहा है। आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा, कभी चुनाव नहीं होंगे और संघ के लोगों ने  संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है? 
इस चुनाव में विपक्ष का कोई मुद्दा चल नहीं रहा। इसलिए आप देख रहे होंगे कि चार चरणों के बाद अब विपक्ष के मुद्दे बदलने लगे हैं। उनके सामने विश्वसनीयता का संकट है। शहजादे के बोले गए शब्दों को जनता गंभीरता से नहीं लेती। कांग्रेस का इकोसिस्टम जिन बातों को लोगों के बीच फैलाने में जुटा है, उसका जमीन पर कोई प्रभाव नहीं है। उल्टे हमें उनकी साजिशों को बेनकाब करने का अवसर मिल गया। 

अब देखिए, कांग्रेस का इतिहास ही आरक्षण विरोध का रहा है। एससी-एसटी आरक्षण के खिलाफ नेहरू जी ने मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी। ओबीसी आयोग के गठन की बात आई, तो राजीव जी ने सक्रियता नहीं दिखाई। बाद में भाजपा के सहयोग से सरकार बनी तो ओबीसी आयोग का गठन हुआ। कांग्रेस ने कई मौकों पर एससी-एसटी-ओबीसी के आरक्षण में सेंध लगाने की कोशिश की। संयुक्त आंध्र प्रदेश में इनकी कोशिश कोर्ट की वजह से कामयाब नहीं हुई। कर्नाटक में अपने मंसूबों में कामयाब हो गए। वहां मुसलमानों को पिछड़ी जाति में शामिल करके आरक्षण में सेंधमारी कर दी। धर्म आधारित आरक्षण देकर कांग्रेस किसका नुकसान कर रही है? हमारे दलित, पिछड़े और वंचित भाई-बहनों का।

अब तो इंडी गठबंधन के नेता खुलकर एससी-एसटी-ओबीसी का हक छीन पूरा का पूरा आरक्षण मुस्लिम समाज को देने की बात कर रहे हैं। संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण देने पर रोक है, इसके बावजूद विपक्ष तुष्टीकरण के लिए आरक्षण में सेंध लगा रहा है। विपक्ष संविधान, चुनाव, संस्थानों की स्वतंत्रता को लेकर झूठी बातें फैला रहा है, और उम्मीद कर रहा है कि जनता उनकी सुन लेगी। पर उनका दांव काम नहीं कर रहा। अब उनमें हड़बड़ाहट दिख रही है, तभी तो वे हमारे जिन कार्यों का मजाक उड़ाते थे, अब चार चरण के चुनाव के बाद उन्हीं कार्यों को करने का वादा करने लगे हैं। चुनाव के बाद जिनका भविष्य जेल में कटने वाला है, वे भाजपा के भविष्य पर अनुमान लगा रहे हैं। ऐसी खोखली बातों का जनता पर कोई असर नहीं होता।

"हमारी योजनाओं के लाभार्थियों में बड़ी संख्या मुस्लिम समाज की है। उन्हें भी लगता है कि भाजपा सरकार है, तो उन्हें सारी सुविधाएं मिल रही हैं। यह सरकार नहीं होती तो उन्हें इन मूलभूत चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ता। पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार सृजित हुए...बेरोजगारी दर 6% से घटकर 3% रह गई। विपक्ष बेरोजगारी और महंगाई को मुद्दा बना रहा है।"

इस चुनाव के बाद विपक्ष स्थायी रूप से बेरोजगार होने जा रहा है। जहां तक देश के युवाओं की बात है, तो उनके लिए पिछले 10 वर्षों में रोजगार के अनेक नए अवसर बने हैं। हमने रोजगार मेले के माध्यम से लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। अर्थव्यवस्था मजबूत होने से प्राइवेट सेक्टर आगे बढ़ रहा है और रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। हमने युवाओं के लिए कई ऐसे नए सेक्टर खोले हैं, जिनमें पहले मौका नहीं मिलता था। जैसे स्पेस सेक्टर, ड्रोन सेक्टर में नए अवसर बने हैं। आज देश में सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं, इनसे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बन रहे हैं। मुद्रा लोन ने करोड़ों उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया और अब वे लोग जॉब क्रिएटर्स की भूमिका में हैं। देश में क्रिएटर इकनॉमी बड़ी हो रही है। युवाओं को गेमिंग के फील्ड में नए अवसर मिल रहे हैं।

हाल ही में स्कॉच ग्रुप की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें बताया गया है कि माइक्रो फाइनेंस के कारण स्वरोजगार के अनेक अवसर बने हैं। आज इन्फ्रास्ट्रक्चर के जो इतने काम हो रहे हैं, उनका संबंध भी रोजगार से है। इतने निर्माण, इतने उत्पादन, इतनी सेवाओं के लिए कितना श्रम चाहिए, आप अंदाजा लगा सकते हैं। ये श्रम रोजगार के माध्यम से ही तो मिल रहा है। स्कॉच की रिपोर्ट बताती है कि पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार पैदा हुए है।

ईपीएफओ के मुताबिक पिछले सात साल में 6 करोड़ नए सदस्य इसमें जुड़े हैं। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) का डाटा बताता है कि 2017 में जो बेरोजगारी दर 6% थी, वह अब 3% रह गई है। इससे यह भी पता चलता है कि शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में बेरोजगारी दर घटी है।

पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार महंगाई पर काबू रख पाने में सफल रही। यूपीए के समय महंगाई डबल डिजिट में हुआ करती थी। लेकिन आज हम छोटी-छोटी चीजों की कीमतों को काबू करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। आज दुनिया युद्ध की परिस्थितियों से घिरी है, इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ना तय था। लेकिन हमारी सरकार ने अपने लोगों के हितों को प्राथमिकता दी और उन पर महंगे पेट्रोल-डीजल का बोझ नहीं पड़ने दिया। 

कोविड के बाद पूरी दुनिया महंगाई से जूझ रही है, बहुत से देशों में महंगाई दर दहाई अंकों में है। भारत उन देशों में शामिल है, जहां महंगाई दर कम है। हमारी कोशिश रही है कि गरीब और मध्यवर्ग के लिए महंगाई दर हमेशा सीमा में रहे। आज जन औषधि केंद्र की वजह से दवाइयों का खर्च 70 प्रतिशत तक कम हो गया है। देश में हर गरीब परिवार को 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलने की गारंटी है। 

आपने हाल ही में मुस्लिमों से आत्ममंथन के आग्रह के साथ सत्ता में बैठाने-उतारने की मानसिकता से बाहर निकलने का आह्वान किया था। यह कैसे संभव होगा, क्या आप कहना चाहते हैं कि मुसलमान बिरादरी में सामाजिक स्तर पर सुधार की जरूरत है?

मेरे लिए, देश का हर नागरिक समान है। हमें उसकी बेहतरी की चिंता है, उसके दुख व दर्द से सरोकार है। मैं उन्हें धर्म, जाति व वर्ग में बांटकर नहीं देखता। मेरी सरकार का मूल मंत्र भी यही है। आज देश की किसी भी योजना में यह नहीं पूछा जाता कि लाभार्थी का नाम, जाति या पंथ क्या है। जो योजना है, सबके लिए हैं। इसीलिए माताएं-बहनें, गरीब,  युवा और किसान, चट्टान की तरह मेरे पीछे खड़े दिखते हैं। यही मेरी असली ताकत हैं, इन्हीं से मुझे प्रेरणा और शक्ति मिलती है।

मुस्लिम समाज को सोचना चाहिए कि उन्हें कांग्रेस के 6 दशक में क्या मिला और पिछले 10 साल में उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिलीं। कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने उन्हें वोटबैंक समझकर उनका इस्तेमाल किया है। ये लोग मुस्लिम समाज को गरीब रखना चाहते हैं। रोज की जिंदगी में इतना उलझा कर रखना चाहते हैं कि वो अपना भला-बुरा ना समझ पाएं। तुष्टीकरण की नीति से मुस्लिम समाज का भला नहीं हो सकता।
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