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राहुल गांधी के समर्थन में आए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष: बोले- एसआईआर पर सवाल उठाने का हक, और क्या कहा?
Tue, 20 Oct 2026 11:00 PM IST
प्रशांत तिवारी
एएनआई, कोयंबटूर
एएनआई, कोयंबटूर
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Tue, 20 Oct 2026 11:00 PM IST
सार
तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर राहुल गांधी के सवाल उठाने का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
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के. अन्नामलाई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। अन्नामलाई के मुताबिक, लोगों को अपनी बात रखने की आजादी है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
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नेताओं को जेल में रखने से बढ़ सकती है लोकप्रियता
अन्नामलाई ने सीजेपी संगठन के नेताओं के साथ दिल्ली पुलिस के कथित बर्ताव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जमानत की सुनवाई के दौरान नेताओं और उनके वकीलों को बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि नेताओं को जेल में रखने से उनकी लोकप्रियता और बढ़ सकती है। अन्नामलाई ने आशंका जताई कि इस तरह की कार्रवाई से युवाओं में केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ सकती है।
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'पसंदीदा नेताओं के लिए खुद को नुकसान न पहुंचाएं'
कोयंबटूर के एक निजी स्कूल में विद्यारंभम कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अन्नामलाई ने लोगों से अपील की कि वे अपने पसंदीदा नेताओं या हस्तियों का समर्थन जरूर करें, लेकिन इसके लिए हिंसा न करें और न ही खुद को नुकसान पहुंचाएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और अपमानजनक भाषा के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि राजनीति में सभ्य तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। आखिरकार जनता खुद सच को समझ जाती है।
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मानसून से पहले पुलिस के खाली पद भरने की मांग
अन्नामलाई ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से प्रमुख जिलों और शहरों में पुलिस के खाली वरिष्ठ पदों को जल्द भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आता है, इसलिए इन पदों को खाली नहीं छोड़ा जाना चाहिए। पूर्वोत्तर मानसून शुरू होने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपात स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था जरूरी है।
बारिश से निपटने की तैयारियों पर सरकार को घेरा
अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर बारिश से बचाव के लिए जरूरी तैयारियां पर्याप्त रूप से नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म होने के बाद पंचायतों का कामकाज अधिकारी संभाल रहे हैं। ऐसे में सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर बारिश से जुड़े जरूरी काम तेजी से पूरे कराने चाहिए।
चेन्नई में फिर जलभराव हुआ तो उठेंगे सवाल
चेन्नई में जल निकासी परियोजनाओं पर सवाल उठाते हुए अन्नामलाई ने कहा कि इस मानसून में पता चल जाएगा कि पिछले कई वर्षों में किए गए काम कितने प्रभावी रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस बार भी चेन्नई में बाढ़ जैसे हालात बनेंगे और क्या बारिश के पानी की निकासी के लिए किए गए इंतजाम सही तरीके से पूरे हुए हैं।
नशे के कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग
तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के एक पदाधिकारी से जुड़े मेथामफेटामाइन की बरामदगी के मामले पर अन्नामलाई ने कहा कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उनका संबंध किसी भी राजनीतिक दल से हो। उन्होंने मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेताओं से ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की, जो कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण का सहारा लेते हैं।
नाम तमिलर काची की उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर सवाल
नाम तमिलर काची (एनटीके) की उम्मीदवार कार्तिका की गिरफ्तारी पर अन्नामलाई ने सवाल किया कि पुलिस ने उनके घर में सुबह-सुबह जाकर उन्हें गिरफ्तार क्यों किया। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव प्रचार के दौरान कोई अपराध हुआ था, तो पुलिस उसी समय कार्रवाई कर सकती थी। अन्नामलाई ने पुलिस विभाग को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया।
तमिलनाडु की जनता सभ्य राजनीति चाहती है
अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु के लोग ऐसी राजनीति चाहते हैं, जिसमें महिलाओं के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल न हो और विरोधियों को नीचा दिखाने की कोशिश न की जाए। उनके मुताबिक, युवा, महिलाएं और पढ़े-लिखे मतदाता राजनीति में बेहतर व्यवहार की उम्मीद करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बयानबाजी में मर्यादा पार करने से राजनीतिक दलों को नुकसान हो सकता है।
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‘वी द लीडर्स’ के जरिए वैकल्पिक राजनीति की तैयारी
अपने संगठन ‘वी द लीडर्स’ के बारे में अन्नामलाई ने कहा कि इसका उद्देश्य बुनियादी बदलाव लाना और राजनीति का एक वैकल्पिक रास्ता तैयार करना है। उन्होंने बताया कि संगठन चुनावों में स्वतंत्र रूप से उतरने की योजना बना रहा है, ताकि अपनी विचारधारा लोगों तक पहुंचा सके और समान सोच रखने वालों को एक मंच पर ला सके। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक सामाजिक कार्यों पर ध्यान देने वाले सदस्यों को चुनावी राजनीति के लिए तैयार किया जा रहा है। संगठन में केवल 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही शामिल किया जाता है।