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पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा का निधन

Fri, 04 Mar 2016 12:17 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 04 Mar 2016 12:17 PM IST
सार

  • दिल का दौरा पड़ने से हुई मृत्यु
  • 68 साल के थे पीए संगमा
  • आठ बार लोकसभा के सदस्य रहे
  • कांग्रेस से अलग होकर बनाई ‌थी पार्टी

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ex loksabha speeker pa sangma died
पीए संगमा - फोटो : getty images

विस्तार

लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस के दिग्‍गज नेता रहे पीए संगमा का आज निधन हो गया। 68 साल के पूर्णो अगिटोक संगमा की मृत्यु दिल्‍ली के अस्पताल में

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दिल का दौरा पड़ने से हुई। 

संगमा के निधन पर संसद में भी उन्हें श्रद्धाजंलि दी गई। दोनों सदनों में सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर अपने पूर्व अध्यक्ष को श्रद्धाजंलि दी। वहीं लोकसभा
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स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि संसद को किस तरह मुस्कुराते हुए चलाना है यह मैने संगमा से ही सीखा। 


इसके बाद संसद की कार्यवाही स्‍थगित कर दी गई। वहीं संगमा की मौत पर तमाम राजनीति दलों और नेताओं ने शोक जताया है। 

कभी कांग्रेस के दिग्‍गज नेता रहे संगमा 11वीं लोकसभा के स्पीकर थे। यूथ कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत करने वाले संगमा 1977 में पहली
बार मेघालय की तुरा सीट से छठी लोकसभा के लिए चुने गए। इसके बाद 9वीं लोकसभा को छोड़कर 14वीं लोकसभा तक वह लगातार इसके सदस्‍य रहे। 

आठ बार सांसद और मेघालय के मुख्यमंत्री रहे संगमा

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पीए संगमा - फोटो : getty images

संगमा कुल आठ बार लोकसभा के सदस्य रहे। इसी बीच 1996 से 1998 तक वह मेघालय के मुख्यमंत्री भी रहे। उनके राजनीतिक जीवन में ठहराव तब आया
जब उन्होंने सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर तारिक अनवर और शरद पवार के साथ कांग्रेस से बगावत कर दी और अपनी अलग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
बना ली।

हालांकि बाद में शरद पवार से भी मतभेद होने के बाद उन्होंने एनसीपी भी छोड़ दी। इसके बाद उनकी कांग्रेस से नजदीकियां बढ़ी और उनकी बेटी अगाथा संगमा
को सांसद बनाकर उन्होंने लोकसभा भेज दिया।

उनके प्रभाव के कारण ही यूपीए 2 में काफी कम उम्र में ही अगाथा को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कैबिनेट में जगह भी मिल गई। साल 2012 में पीए संगमा ने
प्रणब मुखर्जी के सामने राष्ट्रपति का चुनाव भी लड़ा लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।

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