चुनावी पिच पर क्रिकेटर्स: कभी एक ही टीम से खेलते थे, अब अलग-अलग खेमे में मनोज तिवारी और अशोक डिंडा
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खिलाड़ियों का राजनीति में आना कोई नई बात नहीं। नवजोत सिंह सिद्धू, मोहम्मद अजहरुद्दीन, विजेंद्र सिंह सरीखे कई खिलाड़ी अलग-अलग दलों से चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस वक्त पांच राज्यों में चुनावी माहौल अपने शिखर पर है। पश्चिम बंगाल में भी दो क्रिकेटर्स ने राजनीति की पिच पर कदम रखा है। भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी जहां तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं तो तेज गेंदबाज अशोक डिंडा बीजेपी के पास।
A new journey begins from today. Need all your love & support. 😊#DidiShowsTheWay #AssemblyElection #WestBengal #JoyBangla pic.twitter.com/TrrFX67USP
— MANOJ TIWARY (@tiwarymanoj) February 24, 2021विज्ञापन
भारत की ओर से 12 वन-डे और तीन टी-20 मैच खेल चुके मनोज तिवारी हावड़ा की शिबपुर सीट से तृणमूल के उम्मीदवार हैं तो बीजेपी ने डिंडा को मोयना विधानसभा सीट से उतारा है। हाल ही में संन्यास लेने वाले अशोक डिंडा टीम इंडिया के लिए 13 वन-डे मैच और 9 टी-20 मैच खेल चुके हैं। केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो और बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
ভারতের তথা বাংলার ক্রিকেট তারকা @dindaashoke আজ ভারতীয় জনতা পার্টিতে যোগদান করলেন। অনেক অনেক গৈরিক অভিনন্দন।#AmarPoribarBJPPoribar pic.twitter.com/NKRyk34QDG
— BJP Bengal (@BJP4Bengal) February 24, 2021
बरकरार रहेगी दोस्ती
भारतीय अंडर-19 और इंडिया ए टीम की कप्तानी कर चुके मनोज तिवारी बंगाल टीम को भी कई ट्रॉफियां दिला चुके हैं। उनका कहना है कि विपक्षी पार्टी में होने के बावजूद उनके अशोक डिंडा से संबंध मित्रवत ही रहेंगे। हालांकि वह यह भी कहना नहीं चूके कि डिंडा की गेंदों को सियासी पिच पर हमेशा बाउंड्री के पार भेजते रहेंगे।
क्रिकेट से राजनीति में आने का कारण मनोज ने जनसेवा बताया। साथ ही यह भी कहा कि वह राजनीति में लंबी पारी खेलना चाहते हैं। मनोज तिवारी और अशोक डिंडा पड़ोसी भी हैं, दोनों परिसर में रहते हैं। तिवारी कहते हैं कि डिंडा से मिलने पर राजनीति की बात नहीं करेंगे। हम एक दोस्त की ही तरह रहेंगे।