हर ढाई घंटे में भारत के किसी ना किसी हिस्से में हुआ आतंकी हमला
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आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। दहशतगर्दों ने पिछले एक दशक के दौरान देश के डेढ़ दर्जन प्रदेशों में 32 हजार 480 बार हमले किए हैं। यानी औसतन हर ढाई घंटे में भारत के किसी न किसी हिस्से में आतंकी हमला हुआ है।
अमर उजाला को गृहमंत्रालय से आरटीआई के जरिये प्राप्त जानकारी के मुताबिक इन हमलों में 2874 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, जबकि 7129 दहशतगर्द मारे गए। गृह मंत्रालय की जम्मू-कश्मीर डिविजन ने घाटी में फैले आतंकवाद की जानकारी दी है। वामपंथी-उग्रवाद प्रभाग ने 10 प्रदेशों में नक्सलवाद और उत्तर-पूर्व डिविजन ने सात प्रदेशों में फैले उग्रवाद से जुड़ी घटनाओं के बारे में खुलासा किया है।
जानकारी के मुताबिक दहशतगर्दों ने वर्ष 2006 में सबसे ज्यादा 4542 बार और 2009 में 4054 बार हमले कर भारत की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दी। 2009 में सबसे ज्यादा 352 जवान शहीद हुए थे और सबसे ज्यादा 1178 दहशतगर्द साल 2008 में मारे गए थे।
उग्रवाद की घटनाओं में इजाफा
हालांकि 2006 की तुलना में अब चरमंपथियों के हमलों में कमी तो आई है लेकिन पिछले ढाई वर्षों में जम्मू-कश्मीर में आतंकी और उत्तर-पूर्व प्रदेशों में उग्रवाद की घटनाओं में इजाफा हुआ है। गृह मंत्रालय के मुताबिक एक दशक में 5712 आतंकवादी, 16,231 नक्सली और 10,531 उग्रवादी घटनाएं हुई हैं।
छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में नक्सलवादी घटनाओं में मामूली कमी आई है। लेकिन देश में आतंकवादियों और उग्रवादियों से ज्यादा हमले नक्सलियों ने किए हैं।
इन घटनाओं में 1529 नक्सलियों से ज्यादा 3215 जवान मारे गए हैं। अरुणाचल, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम में 3215 उग्रवादी मारे गए और 402 जवान शहीद हुए। वहीं जम्मू-कश्मीर में 690 जवान शहीद हुए हुए और 2385 आतंकी मारे गए।