EU: ईयू राजदूत ने मेजबानी के लिए विदेश मंत्री जयशंकर का किया धन्यवाद, इन मुद्दों पर दोनों नेताओं ने की बातचीत
मुलाकात की जानकारी देते हुए डेल्फिन ने एक्स पर कहा कि हमारी मेजबानी करने और अच्छी चर्चा के लिए जयशंकर का धन्यवाद। टीम यूरोप और भारत साथ मिलकर बदलाव ला सकते हैं। जयशंकर ने भी भारत के साथ संबंधों को बढ़ाने में उनके योगदान के लिए डेल्फिन को धन्यवाद कहा।
विस्तार
यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन सोमवार को भारत पहुंचे। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का स्वागत किया। डेल्फिन ने मेजबानी के लिए जयशंकर को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीम यूरोप भारत के साथ मिलकर बदलाव ला सकता है। दोनों नेताओं ने वैश्विक संकटों और चुनौतियों का सामना करने, रिश्तों को और गहरा करने के साथ-साथ भारत और यूरोपीय संघ के पारस्परिक हितों पर चर्चा की।
Thank you @DrSJaishankar for hosting us & for the good discussion. Mutual interest of 🇪🇺🇮🇳 to cultivate & deepen their cooperation as partners of choice in the face of global crises and challenges. #TeamEurope together with #India can make a difference. https://t.co/AUZMqStiXH
— Hervé Delphin (@EUAmbIndia) February 19, 2024
जयशंकर ने भी धन्यवाद कहा
मुलाकात की जानकारी देते हुए डेल्फिन ने एक्स पर कहा कि हमारी मेजबानी करने और अच्छी चर्चा के लिए जयशंकर का धन्यवाद। टीम यूरोप और भारत साथ मिलकर बदलाव ला सकते हैं। जयशंकर ने भी भारत के साथ संबंधों को बढ़ाने में उनके योगदान के लिए डेल्फिन को धन्यवाद कहा।
गोलमेज सम्मेलन की जानकारी दी
एक्स पर जयशंकर ने कहा, दिल्ली में यूरोपीय संघ के राजदूतों से म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के अनुभव भी साझा किए। भारत 21 फरवरी को दिल्ली में ऑनलाइन दुष्प्रचार और सूचना हेरफेर के साथ सुरक्षा और नीतिगत पहलुओं पर यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ गोलमेज सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इसमें यूरोपीय संघ और भारत के 35 से अधिक विशेषज्ञ शामिल होंगे। यूरोपियन एक्सटर्नल एक्शन सर्विस ने इस संबंध में एक बयान जारी कर कहा कि उनके विशेषज्ञ यूरोपीय संघ-भारत सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान करते हुए ऑनलाइन दुष्प्रचार और सूचना हेरफेर के सुरक्षा व नीतिगत पहलुओं को उजागर करेंगे। भारत और यूरोपीय संघ ने खुले, स्वतंत्र, सुरक्षित, स्थिर, शांतिपूर्ण और सुलभ साइबर स्पेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, और गोलमेज सम्मेलन इसकी की पुष्टि करता है।