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गडकरी बोले- यातायात नियम तोड़ने वालों को मिलेगी कड़ी सजा
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Thu, 09 Jun 2016 08:39 PM IST
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- फोटो : file photo
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भारतीय सड़कों पर बढ़ती दुर्घटना के आंकड़ों के बीच केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि जिस सड़क पर ज्यादा दुर्घटना होगी, उसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने वाले इंजीनियर को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यही नहीं सरकार कानून में बदलाव कर रही है ताकि यातायात का नियम तोडने वालों पर न सिर्फ भारी जुर्माना किया जा सके बल्कि कड़ी सजा भी हो।
वर्ष 2015 के दौरान भारतीय सड़कों पर होने वाली दुर्घटना की रिपोर्ट यहां बृहस्पतिवार को जारी किया गया जिसमें बताया गया है कि बीते वर्ष 5,01,423 सड़क दुर्घटना हुई जो कि एक वर्ष पहले के 4,89,400 दुर्घटना के मुकाबले 2.5 फीसदी ज्यादा है। बीते वर्ष भारतीय सड़कों पर हर रोज 400 लोग मारे गए, मतलब हर घंटे 17 लोगों की मौत। पिछले वर्ष साल भर में 1,46,133 लोग मारे गए जो कि पिछले वर्ष के 1,39,671 के मुकाबले 4.6 फीसदी ज्यादा है।
सड़कों पर बढ़ती दुर्घटना की वजह खराब इंजीनियरिंग डिजाइन भी है, ऐसे मामलों में मंत्रालय क्या कार्रवाई करेगा, इस सवाल पर गडकरी ने बताया कि अब उस तरह की सड़क का डीपीआर बनाने वाले इंजीनियर को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उस पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा कानून में परिवर्तन कर यातायात का नियम तोडने वालों के लिए भारी जुर्माने और कड़ी सजा का प्रावधान किया जा रहा है।
वर्ष 2015 के दौरान भारतीय सड़कों पर होने वाली दुर्घटना की रिपोर्ट यहां बृहस्पतिवार को जारी किया गया जिसमें बताया गया है कि बीते वर्ष 5,01,423 सड़क दुर्घटना हुई जो कि एक वर्ष पहले के 4,89,400 दुर्घटना के मुकाबले 2.5 फीसदी ज्यादा है। बीते वर्ष भारतीय सड़कों पर हर रोज 400 लोग मारे गए, मतलब हर घंटे 17 लोगों की मौत। पिछले वर्ष साल भर में 1,46,133 लोग मारे गए जो कि पिछले वर्ष के 1,39,671 के मुकाबले 4.6 फीसदी ज्यादा है।
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सड़कों पर बढ़ती दुर्घटना की वजह खराब इंजीनियरिंग डिजाइन भी है, ऐसे मामलों में मंत्रालय क्या कार्रवाई करेगा, इस सवाल पर गडकरी ने बताया कि अब उस तरह की सड़क का डीपीआर बनाने वाले इंजीनियर को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उस पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा कानून में परिवर्तन कर यातायात का नियम तोडने वालों के लिए भारी जुर्माने और कड़ी सजा का प्रावधान किया जा रहा है।
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30 फीसदी फर्जी लाइसेंस
गडकरी ने बताया कि देश में करीब 30 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं। ऐसे फर्जी लाइसेंस वाले अप्रशिक्षित ड्राइवर ही दुर्घटना का कारक बनते हैं। पहले ऐसा माना जाता था कि कंप्यूटराइज्ड प्रणाली होने से ड्राइविंग लाइसेंस का फर्जीवाडा थमेगा लेकिन अभी भी ऐसे मामले सामने आ रहे है। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का जिम्मा राज्य सरकारों का है और इस फर्जीवाड़े के लिए वहीं के अधिकारी जिम्मेदार हैं।
गडकरी के मुताबिक सबसे चिंताजनक बात यह है कि सड़क दुर्घटना में मरने वालों में से आधा से भी ज्यादा की आयु 15 से 34 वर्ष के बीच है। यह आयु वर्ग न सिर्फ युवा है बल्कि सबसे उत्पादक है। बीते साल इस आयु वर्ग के 70,000 से भी ज्यादा व्यक्ति मारे गए जो कि कुल मौत का 54.1 फीसदी है।
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकतर दुर्घटनाओं के लिए ड्राइवर जिम्मेदार हैं। पिछले साल हुई दुर्घटनाओं में 71 फीसदी दुर्घटना के लिए ड्राइवर जिम्मेदार थे। यही नहीं, दुर्घटना की वजह से हुई मौतों में 72.6 फीसदी व्यक्ति ड्राइवर थे।