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Bombay High Court: 'मानसून के दौरान विशालगढ़ किले के आसपास कोई भी ढांचा न गिराएं', हाईकोर्ट का सरकार को आदेश
Fri, 19 Jul 2024 04:17 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 19 Jul 2024 04:17 PM IST
सार
Bombay High Court: न्यायमूर्ति बीपी कोलाबावाला और न्यायमूर्ति फिरदोश पूनीवाला की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि आज से विशालगढ़ किले के आसपास अगर कोई आवासीय या व्यावसायिक ढांचा ढहाया जाता है तो वह अधिकारियों पर सख्ती से कार्रवाई करेगी।
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बंबई उच्च न्यायालय
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार और पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मानसून के दौरान कोल्हापुर में विशालगढ़ जिले के आसपास कोई ढांचा न ढहाया जाए। कुछ दिन पहले वहां अतिक्रमण विरोधी अभियान हिंसक हो गया था।
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विशालगढ़ किले में 14 जुलाई को अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। जिसके चलते 500 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए और 21 अन्य को गिरफ्तार किया गया। हिंसा तब भड़क उठी, जब पुणे से आए कुछ दक्षिणपंथी समर्थकों को निषेधाज्ञा के मद्देनजर किले की तलहटी पर रोक दिया गया था।
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न्यायमूर्ति बीपी कोलाबावाला और न्यायमूर्ति फिरदोश पूनीवाला की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि आज से विशालगढ़ किले के आसपास अगर कोई आवासीय या व्यावसायिक ढांचा ढहाया जाता है तो वह अधिकारियों पर सख्ती से कार्रवाई करेगी। सरकारी वकील पी.पी.काकड़े ने अदालत को भरोसा दिया कि राज्य सरकार के परिपत्र के अनुसार विशालगढ़ किला क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति का कोई आवासीय परिसर बारिश के मौसम में नहीं ढहाया जाएगा, चाहे वह याचिकाकर्ता हो या कोई और।
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न्यायालय ने 14 जुलाई की हिंसा पर चिंता जताई
अदालत ने इलाके में 14 जुलाई को हुई हिंसा पर भी चिंता जताई। पीठ ने शाहुवाड़ी थाने के वरिष्ठ निरीक्षक को निर्देश दिया कि वह 29 जुलाई को अदालत में हाजिर होकर सूचित करें कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। पीठ ने कहा, विशालगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति का जिम्मेदार कौन है? हम चाहेंगे संबंधित पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक हमारे सामने आएं। अदालत ने काकड़े की बात को माना और कहा कि सितंबर तक कोई विश्वंस नहीं किया जाएगा।
'उल्लंघन हुआ तो कार्रवाई करने से हिचकेंगे नहीं'
पीठ ने कहा, "हम आपका बयान दर्ज करते हैं कि आप सितंबर किसी ढांचे को नहीं तोड़ेंगे और अगर इसका उल्लंघन हुआ तो हम अधिकारियों को सलाखों के पीछे भेजने से नहीं हिचकेंगे। हम यह स्पष्ट करते हैं कि अगर हम आज से किसी भी ढांचे को ढहाते हुए पाते हैं, चाहे वह वाणिज्यिक (कॉमर्शियल) हो या घरेलू, तो हम आपके अधिकारियों पर सख्ती से कार्रवाई करेंगे।"
शाहुवाड़ी तालुका के निवासियों ने दायर की थी याचिका
अदालत शाहुवाड़ी तालुका के कुछ निवासियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में अदालत से दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई कथित हिंसा की जांच के लिए उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आग्रह किया गया था।