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'बिना संशोधन के पूरे देश में संभव नहीं एक साथ चुनाव', आयोग ने दोहराई अपनी बात

Tue, 14 Aug 2018 03:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 14 Aug 2018 03:11 PM IST
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Elections not possible in the whole country without amendment : Election Commission

जहां एक तरफ भाजपा एक देश एक चुनाव को सफल बनाने की कोशिश में लगी है वहीं चुनाव आयोग की तरफ से इसे असंभव करार दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुकत ओपी रावत ने कहा है कि ये वर्तमान परिदृश्य में संभव नहीं है। बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस मुद्दे पर विधि आयोग को पत्र लिखकर मामले को गरमा दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि अगर चुनाव चरणबद्ध तरीके से कराया जाए तो ही कई राज्यों के चुनाव आम चुनावों के साथ संभव हैं।

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चुनाव आयुक्त ने कहा कि देश में पहले चार चुनाव एक साथ ही थे। अगर कानून में संशोधन हो, मशीनें पर्याप्त हों और सुरक्षाकर्मी जरूरत के हिसाब से हों, तो ऐसा संभव है। उन्होंने साफ कहा कि बिना कानून मेंं संशोधन किए ऐसा संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र सरकार अगले साल लोकसभा चुनावों के साथ 10-11 राज्यों के विधानसभा चुनाव भी कराने के प्रयास कर रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि अगर पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की बात की जाए तो ये मश्किल है।

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#WATCH: Chief Election Commissioner, OP Rawat, says, "simultaneous polls aren't possible without amendments in law. But if polls are to be held in installments, like in 11 states at once, possibilities are there if all respective houses agree to dissolve & conduct polls together" pic.twitter.com/d5JU5oHCuO

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— ANI (@ANI) August 14, 2018

2015 में चुनाव आयोग दे चुका है सुझाव

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बताया कि एक साथ चुनाव को लेकर चुनाव आयोग 2015 में ही व्यापक सुझाव दे चुका है। चुनाव आयोग बता चुका है कि इसके लिए संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून में कौन-कौन से संशोधन कराने होंगे। ओपी रावत ने कहा कि इन संशोधनों के बाद अन्य जरूरतों में पर्याप्त वोटिंग मशीन (वीवीपैट), अधिक सुरक्षाकर्मियों जैसी जरूरतों से भी अवगत करा दिया गया था।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि एक साथ चुनाव बिल्कुल कराए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के पहले 4 चुनाव 1967 तक एक साथ हुए हैं। मशीनें पर्याप्त हों, सुरक्षाकर्मी पर्याप्त हों और कानूनी प्रावधान हों, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि एक साथ चुनाव फिलहाल इस लोकसभा चुनाव के साथ संभव नहीं है।

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