{"_id":"5bd5a3d2bdec22698671f1a1","slug":"election-commission-will-stop-the-war-of-misrepresentation-on-social-media","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार रोकेगा चुनाव आयोग, लोकसभा से पहले लाएगा विशेष ‘आचार संहिता’","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार रोकेगा चुनाव आयोग, लोकसभा से पहले लाएगा विशेष ‘आचार संहिता’
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sun, 28 Oct 2018 05:26 PM IST
विज्ञापन
चुनाव आयोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजनीतिक दलों के बीच सोशल मीडिया पर लगातार जारी दुष्प्रचार भारतीय निर्वाचन आयोग को रास नहीं आ रहा है। कई चेतावनी और गाइडलाइंस जारी करने के बाद अब चुनाव आयोग सख्ती बरतने के मूड में है। आयोग की कोशिश है कि आगामी लोकसभा चुनावों से पहले ही इस तरह के फर्जी खबरों पर रोक लगा दी जाए। इसके लिए आयोग मसौदा तैयार करने के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर अधिकारियों को ट्रेनिंग देने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक विधानसभा चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा सोशल मीडिया के न्यायसंगत उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही सोशल मीडिया पर विशेष मसौदा तैयार करने में जुटा है। विशेष प्रस्ताव में राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र और उनके एजेंडे को शेयर करने के नियमों को भी बताया जाएगा। इसके अलावा चुनाव अभियान के दौरान उम्मीदवारों के समर्थन में राजनीतिक दल और उनके समर्थक सोशल मीडिया पर कैसा व्यवहार करें, साथ ही ‘क्या करें और क्या न करें’, इसकी भी जानकारी दी जाएगी। प्रस्ताव में नकारात्मक अभियानों, आपत्तिजनक कार्टूनों और दुष्प्रचार वाले टेक्स्ट मैसेजेस पर रोक लगाने और इसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान होगा।
विज्ञापन
आयोग के सूत्रों का कहना है कि इसमें यह भी प्रावधान रखा गया है कि चुनावों की अधिसूचना जारी होते ही यह लागू हो जाएगा और वोटिंग तक जारी रहेगा। सूत्रों ने बताया कि इस मसौदे पर लगातार काम चल रहा है और उसे अंतिम रूप देने से पहले कानून मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी से भी सलाह-मशविरा किया जाएगा।
विज्ञापन
आयोग के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का पायलट कर्नाटक चुनावों में लांच किया गया था, जहां यह काफी हद तक कारगर रहा। कर्नाटक में इसे लांच करने से पहले बकायदा सोशल मीडिया प्लेटफार्म से इस बारे में चर्चा की गई थी। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग जल्द ही सोशल मीडिया संस्थानों के प्रबंधकों के साथ मिल कर लगातार बैठकें करने की योजना बना रहा है।
इन बैठकों में चुनावों के दौरान विवादित और आपत्तिजनक सामग्री पर रोक लगाने को लेकर चर्चा होगी, जिनसे देश में अशांति का माहौल पैदा हो सकता है। आयोग के सूत्रों ने बताया कि इसी कड़ी में जल्द ही भारत में मौजद फेसबुक अधिकारियों के साथ एक वर्कशॉप प्रस्तावित है। इस वर्कशॉप में आपत्तिजनक कंटेंट पर नजर रखने और उन रोक लगाने के लिए आयोग की टीम को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
आयोग के सूत्रों के मुताबिक आयोग को लगातार राजनीतिक दलों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खासतौर पर फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप दुरुपयोग करने की शिकायतें मिल रही हैं। जिसमें कुछ राजनीतिक दल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग अपने उम्मीदवारों का समर्थन करने की बजाय, विपक्षी दलों के उम्मीदवारों पर छींटाकशी करने के अलावा उनके साथ दुर्व्यवहार करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।