Election 2024: भाजपा के घोषणा पत्र में दिखेगी बुलेट ट्रेन, इन रेल कॉरिडोर को लेकर पार्टी कर सकती है बड़ा एलान
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लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान हो गया है। भाजपा ने टिकट फाइनल तय करने के साथ ही चुनाव प्रचार अभियान भी तेज कर दिया है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा अपने चुनावी घोषणा पत्र में मतदाताओं से अगले पांच वर्षों के दौरान देश में कई और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर शुरू करने का वादा कर सकती है।
नाम न छापने के अनुरोध पर एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने कई प्रोजेक्ट्स का एलान किया था। इनमें से अधिकांश प्रोजेक्ट पूरे हो गए हैं। इसी को ध्यान रखते हुए पार्टी अगले पांच वर्षों के लिए हाई स्पीड रेल की कई परियोजनाओं को अपने घोषणा पत्र में शामिल करने पर विचार कर रही है। रेलवे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र का हिस्सा हो सकती हैं।
2019 के चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा था, 'हम अगले पांच वर्षों में हाई स्पीड रेल संपर्क का विस्तार करेंगे और देशभर में वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी नई ट्रेनें शुरू करेंगे। पार्टी ने अपने वादों का अमलीजामा पहनाते हुए न केवल बुलेट ट्रेन के काम में तेजी लाई, बल्कि कई महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर के साथ वंदे भारत ट्रेनों को शुरू भी किया। मौजूदा समय में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है, जिस पर गुजरात के सूरत और बिलिमोड़ा के बीच 2026 तक परिचालन शुरू होने की संभावना है। पूरे कॉरिडोर के साल 2028 तक शुरू हो जाने की संभावना है। पहले इसकी मियाद साल 2022 रखी गई थी।
सात कॉरिडोर पर शुरू करने पर चल रहा है विचार
2022 में केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी थी कि देश भर में बुलेट ट्रेन के सात कॉरिडोर शुरू करने पर विचार चल रहा है। इनमें दिल्ली-वाराणसी (813 किमी), दिल्ली-अहमदाबाद (878 किमी), मुंबई-नागपुर (765 किमी), मुंबई-हैदराबाद (671 किमी), चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूर (435 किमी), दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर (459 किमी) और वाराणसी-हावड़ा (760 किमी) रूट शामिल हैं। इन सातों कॉरिडोर के लिए फिजिबिलिटी अध्ययन और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) जैसे शुरुआती तैयारी के काम तेजी से कराए गए।
एक अन्य सूत्र ने बताया कि इन सात कॉरिडोर में से इस बार के चुनावी घोषणा पत्र में दो या तीन बुलेट ट्रेन परियोजनाओं को शामिल किया जा सकता है, क्योंकि इनकी फिजिबिलिटी और डीपीआर रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंप दी गई है और मंत्रालय ने इनका आकलन भी किया है।
इसके अलावा जेवर में एयरपोर्ट तैयार होने के बाद अन्य शहरों तक आवाजाही आसान करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा दिल्ली-वाराणसी के बीच एक कॉरिडोर की भी मांग की जा रही है।