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Hindi News ›   India News ›   ED: Fake call center duped US citizens; 7 kg gold, 62 kg silver and immovable property worth Rs 9 crore seized

ED: फर्जी कॉल सेंटर ने अमेरिकी नागरिकों को ठगा; सात किलो सोना, 62 किलो चांदी और 9.2 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त

Sat, 12 Jul 2025 05:57 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 12 Jul 2025 05:57 PM IST
सार

पुणे में प्राइड आइकॉन बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से जुलाई 2024 से संचालित उक्त कॉल सेंटर पर एक धोखाधड़ी ऋण योजना के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप है। जांच एजेंसी ने आरोपियों के कब्जे से 7 किलो सोना, 62 किलो चांदी व 9.2 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त की है। इसके अलावा 1.18 करोड़ रुपये नकद, यह राशि भी जब्त की गई है।  

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ED: Fake call center duped US citizens; 7 kg gold, 62 kg silver and immovable property worth Rs 9 crore seized
ED - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने मेसर्स मैग्नेटेल बीपीएस कंसल्टेंट्स एंड एलएलपी द्वारा की गई साइबर धोखाधड़ी गतिविधियों की चल रही जांच के सिलसिले में अहमदाबाद, जयपुर, जबलपुर और पुणे स्थित कई परिसरों में तलाशी अभियान चलाया है। ईडी ने पुणे साइबर पुलिस द्वारा मेसर्स मैग्नेटेल बीपीएस कंसल्टेंट्स एंड एलएलपी नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चलाने में कथित रूप से शामिल आठ व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी।

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पुणे में प्राइड आइकॉन बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से जुलाई 2024 से संचालित उक्त कॉल सेंटर पर एक धोखाधड़ी ऋण योजना के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप है। जांच एजेंसी ने आरोपियों के कब्जे से 7 किलो सोना, 62 किलो चांदी व 9.2 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त की है। इसके अलावा 1.18 करोड़ रुपये नकद, यह राशि भी जब्त की गई है।  
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ईडी की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने बैंकों के प्रतिनिधि बनकर ऋण देने का झूठा वादा किया। इस धोखे का इस्तेमाल करके, उन्होंने अमेरिकी नागरिकों के बैंक खातों का विवरण और अन्य जानकारी हासिल कर ली। फिर इन जानकारियों का इस्तेमाल धन हस्तांतरण के लिए किया गया। धोखाधड़ी की गई राशि, जो अनुमानित रूप से लाखों अमेरिकी डॉलर में है, अमेरिका स्थित सहयोगियों के माध्यम से भेजी गई। बाद में उसे क्रिप्टोकरेंसी, मुख्य रूप से यूएसडीटी के रूप में बदल दिया गया। इस प्रकार प्राप्त डिजिटल संपत्तियों को ट्रस्ट वॉलेट और एक्सोडस वॉलेट सहित क्रिप्टो वॉलेट में संग्रहीत किया गया।
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ईडी की जाँच से पता चला कि अपराध की आय, भारत में स्थानांतरित की गई। पारंपरिक अनौपचारिक माध्यमों (अंगड़िया) का उपयोग कर उसे अहमदाबाद में भुनाया गया। धोखाधड़ी से प्राप्त लाभ का एक हिस्सा फिर खच्चर खातों के माध्यम से कंपनी के बैंक खातों में जमा किया गया। इनका उपयोग मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर खरीदने और उस कार्यालय परिसर के किराए के भुगतान के लिए किया गया, जहां से धोखाधड़ी की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। धन का एक बड़ा हिस्सा व्यक्तिगत संपत्ति जैसे सोना-चांदी, आभूषण, वाहन और अचल संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल किया गया।


तलाशी अभियान के दौरान, 7 किलोग्राम सोना, 62 किलोग्राम चांदी, 1.18 करोड़ रुपये नकद, 9.2 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज और फर्जी कॉल सेंटर के संचालन से संबंधित डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए। मामले के सिलसिले में मेसर्स मैग्नेटेल बीपीएस कंसल्टेंट्स एंड एलएलपी के दो साझेदारों संजय मोरे और अजीत सोनी को जयपुर से गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

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