मुंबई: धन शोधन मामले में रियल्टी ग्रुप के चेयरमैन और एमडी को ईडी ने गिरफ्तार किया
प्रवर्तन निदेशालय (ई़डी) ने धनशोधन के एक मामले के संबंध में मुंबई की ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स के चैयरमैन और प्रबंध निदेशक को गिरफ्तार कर लिया। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि ईडी ने यह कार्रवाई दोनों के खिलाफ यस बैंक में कथित लोन धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन के मामले में की गई।
सूत्रों ने कहा कि ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स के चेयरमैन कमल किशोर गुप्ता और एमडी बाबूलाल वर्मा को ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बुधवार को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया। दोनों को एजेंसी गुरुवार को पीएमएलए मामलों के लिए विशेष अदालत के सामने पेश कर सकती है।
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को इस समूह के कम से कम 10 परिसरों में छापेमारी की थी। ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स ने प्रवर्तन निदेशालय की इस छापेमारी को नियमित कार्रवाई करार देते हुए कहा था कि यह मामला बॉम्बे उच्च न्यायालय में उसके खिलाफ दायर एक रिट याचिका से संबंधित है।
कंपनी का दावा है कि उसने कोई धनशोधन नहीं किया और कानून एवं नियमों के तहत काम किया है। समूह ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा अदालत में यस बैंक से प्राप्त कोष को दूसरे मद में खर्च करने का आरोप गलत है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे आधारहीन आरोप लगाना भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश है।
यूपी के बसपा विधायक और अन्य के खिलाफ धन शोधन का मामला
ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह से 750 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी की जांच के लिए उत्तर प्रदेश के बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी और अन्य के खिलाफ धन शोधन का एक मामला दर्ज किया है। तिवारी (54), पूर्व मंत्री एवं गोरखपुर के बाहुबली नेता रहे हरि शंकर तिवारी के पुत्र हैं।
केंद्रीय जांच एजेंसी के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन रोकथाम कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत चिल्लूपार(गोरखपुर) से विधायक और लखनऊ स्थित कंपनी गंगोत्री इंटरप्राइजेज के खिलाफ एक ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) दर्ज की है। ईसीआईआर, पुलिस प्राथमिकी के समान होती है।