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S Jaishankar:'भारत में सीमा पार आतंकवाद के प्रति सहनशीलता बहुत कम'; जयशंकर ने दी पाकिस्तान को चेतावनी
Fri, 17 May 2024 05:05 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Fri, 17 May 2024 05:05 PM IST
सार
एस जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहा है। पहले हमारे देश में आतंकवाद को अपने पड़ोसी के सनकीपन के रूप में देखते थे। अब हमने आतंकवाद के साथ निपटने के लिए खुद को उसी तरह से तैयार किया है।
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एस जयशंकर ने दी पाकिस्तान को चेतावनी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को ही अपना मूल व्यवसाय बना लिया है। इसी का नतीजा है कि दुनियाभर में अब पाकिस्तान को आतंकिस्तान के तौर पर पहचाना जाता है। जाहिर तौर पर आपकी जो मुख्य क्षमता है, वही आपकी पहचान बनती है। लेकिन, आतंक का उद्योग चलाने वाले पाकिस्तान को अब आतंकी धीरे-धीरे खाने लगे हैं। सीआईआई वार्षिक बिजनेस समिट 2024 में बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत में किसी भी तरह की सीमा पार आतंकवादी गतिविधि के प्रति सहनशीलता बहुत कम है।
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'पाकिस्तान लगातार आतंकी गतिविधियों का अभ्यास कर रहा'
बिजनेस समिट में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहा है। पहले हमारे देश में आतंकवाद को अपने पड़ोसी के सनकीपन के रूप में देखते थे। अब हमने आतंकवाद के साथ निपटने के लिए खुद को उसी तरह से तैयार किया है। एस जयशंकर ने कहा कि 2014 में भारत ने साफ तौर पर निर्णय लिया था कि हम सीमा पार के आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकी घटना होती है, तो इसके लिए हमारा संदेश उड़ी और बालाकोट की तरह साफ है।
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बंद कर दे आंतक का धंधा तो...
विदेश मंत्री ने कहा कि अगर हमारा पड़ोसी ऐसी हरकतें करना बंद कर दे तो हम भी उसके प्रति एक सामान्य पड़ोसी की तरह व्यवहार करेंगे। अब गेंद उनके पाले में है। अगर वे आतंक के अपने धंधे को बंद कर देते हैं जिसे उन्होंने कई दशकों में बनाया है, तो लोग उनके साथ एक सामान्य पड़ोसी की तरह व्यवहार करेंगे। 2019 के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ रिश्तों को खराब करने के लिए कई कदम उठाए। भारत ने हमेशा कोशिश की है कि पाकिस्तान के साथ एक सामान्य पड़ोसी जैसे रिश्ते रहें, लेकिन इसकी प्राथमिक शर्त यही है कि पहले पाकिस्तान एक सामान्य पड़ोसी बनकर दिखाए। उन्होंने कहा कि कोई अगर आपके घर में घुसकर उत्पात और तबाही मचाए, तो जाहिर सी बात है उसके साथ कारोबार नहीं करेंगे। कारोबारी रिश्तों के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है।
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चीन से सीमा विवाद अधिक जटिल
चीन पर बोलते हुए उन्होंने ड्रैगन के साथ सीमा विवादों को अधिक जटिल बताया। उन्होंने कहा कि इसका बुनियादी पहलू यह है कि सीमा क्षेत्र में शांति भंग हो गई है। जयशंकर ने कहा कि अगर कोई देश लिखित समझौते से पीछे हट गया है और भारत की सीमाओं पर कुछ कर रहा है, तो हम यह नहीं कह सकते कि व्यापार सामान्य रूप से जारी रहेगा और अन्य चीजें नहीं होंगी।
उन्होंने कहा कि हमने भारतीय कंपनियों को चीन के साथ व्यापार करने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगा रखा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पड़ोसी देश से बिना सोचे-समझे कारोबारी व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि यदि आपके पास भारतीय विकल्प मौजूद है तो आप पहले भारतीय कंपनियों के साथ ही काम करें। जयशंकर ने कहा, जहां तक चीन का सवाल है मैं अभी भी इस देश के कारोबारियों को प्रोत्साहित करूंगा कि वे 'मेक इन इंडिया' में भाग लें। भारत से सामान खरीदें और भारतीय कामगारों का आउटसोर्स करें।