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ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट होगा मुश्किल: 75% अंक लाना जरूरी, नाम-पता बदलना होगा फ्री; जानें नए बदलाव

Thu, 22 Oct 2026 10:56 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 22 Oct 2026 10:56 PM IST
सार

सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट पर आम लोगों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इनके आधार पर नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
 

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Driving Licence Test to Get Tougher: 75 percent Marks Required, Name and Address Changes to Be Free
ड्राइविंग लाइसेंस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स में संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें लाइसेंस में नाम-पता बदलने की फीस खत्म करने, ऑनलाइन आधार सत्यापन पर शुल्क नहीं लेने और आवेदनों के निपटारे के लिए समय-सीमा तय करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। अभी ये बदलाव प्रस्तावित हैं, लागू नहीं हुए हैं।
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सेफ-ड्राइविंग टेस्ट में बढ़ेंगे पासिंग मार्क्स
ड्राफ्ट के मुताबिक, सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल के आकलन में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 60 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी करने का प्रस्ताव है। ट्यूटोरियल कम से कम 30 मिनट का होगा। इसका उद्देश्य आवेदकों को यातायात नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में बेहतर जानकारी देना है।
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ऑनलाइन आधार सत्यापन पर नहीं लगेगी फीस
प्रस्ताव के तहत ऑनलाइन आधार सत्यापन के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस की सेवाएं लेने वालों से शुल्क नहीं लिया जाएगा। लाइसेंस में नाम, पता, मोबाइल नंबर और दूसरी व्यक्तिगत जानकारी अपडेट कराने की फीस खत्म करने का भी प्रस्ताव है।
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नाम-पता बदलने के आवेदन 15 दिन में निपटेंगे
ड्राफ्ट में नाम या पता बदलने से जुड़े आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेने का प्रस्ताव है। आवेदन मंजूर नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को अस्वीकृति का स्पष्ट कारण बताना होगा। वहीं, पते में बदलाव का आवेदन 30 दिनों तक बिना किसी फैसले के लंबित रहने पर उसे मंजूर मानने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।

पते के प्रमाण में एलआइसी पॉलिसी नहीं होगी मान्य
ड्राफ्ट में पहचान, उम्र और पते के प्रमाण के लिए मान्य दस्तावेजों से जुड़े नियम भी तय किए गए हैं। इनमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र शामिल हैं। बिजली और गैस के बिल भी पते के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किए जा सकते हैं, बशर्ते वे तीन महीने से पुराने न हों। प्रस्ताव के अनुसार, एलआईसी पॉलिसी को पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। लाइसेंस के नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस बनवाने और व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने के लिए एक साझा फॉर्म का भी प्रस्ताव है। इसमें आवेदक की जानकारी सारथी पोर्टल से ली जाएगी।


व्हीकल क्लास छोड़ने पर एक साल तक नया लाइसेंस नहीं
अगर कोई व्यक्ति अपने ड्राइविंग लाइसेंस से किसी वाहन श्रेणी को स्थायी रूप से हटाने का आवेदन करता है, तो उसे सात दिनों के भीतर हटाने का प्रस्ताव है। इसके बाद वह अगले एक साल तक उसी वाहन श्रेणी के लिए नया लर्नर लाइसेंस या ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवा सकेगा। मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट पर आम लोगों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इनके आधार पर नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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