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डीआरडीओ ने किया कमाल, रात के वक्त भी हल्के लड़ाकू विमान की कामयाब अरेस्टेड लैंडिंग
Wed, 13 Nov 2019 05:52 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 13 Nov 2019 05:52 PM IST
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तेजस लड़ाकू विमान (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने पहली बार रात के वक्त भी हल्के लड़ाकू विमान की सफलतापूर्वक अरेस्टेड लैंडिंग का करिश्मा कर दिखाया। 12 नवंबर को शाम 6.45 बजे एसबीटीएफ गोवा विमान की कामयाबी के साथ अरेस्टेड लैंडिंग कराई गई। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह विमान ने लैंडिंग की।
बता दें कि हल्के और अरेस्टेड लैंडिंग वाले विमानों को ही नौसेना में शामिल किया जाता है। कई मौकों पर नौसेना के विमानों को युद्धपोत पर लैंड कराना पड़ता है। युद्धपोत एक निश्चित भार ही उठा सकता है, इसलिए विमानों का हल्का होना जरूरी है।
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इसके अलावा आमतौर पर युद्धपोत पर बने रनवे की लंबाई निश्चित होती है। ऐसे में लड़ाकू विमानों को लैंडिंग के दौरान रफ्तार कम करते हुए, छोटे रनवे में जल्दी रुकना पड़ता है। यहां पर लड़ाकू विमानों को रोकने में अरेस्टेड लैंडिंग काम आती है।
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Defence Research and Development Organisation (DRDO): First night time arrested landing of LCA Navy carried out successfully at SBTF Goa on 12 November at 1845 hrs to demonstrate ease of handling & confidence achieved in arrested landing technologies. pic.twitter.com/zBR2tHsDAi
— ANI (@ANI) November 13, 2019विज्ञापन
बता दें कि हल्के और अरेस्टेड लैंडिंग वाले विमानों को ही नौसेना में शामिल किया जाता है। कई मौकों पर नौसेना के विमानों को युद्धपोत पर लैंड कराना पड़ता है। युद्धपोत एक निश्चित भार ही उठा सकता है, इसलिए विमानों का हल्का होना जरूरी है।
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इसके अलावा आमतौर पर युद्धपोत पर बने रनवे की लंबाई निश्चित होती है। ऐसे में लड़ाकू विमानों को लैंडिंग के दौरान रफ्तार कम करते हुए, छोटे रनवे में जल्दी रुकना पड़ता है। यहां पर लड़ाकू विमानों को रोकने में अरेस्टेड लैंडिंग काम आती है।