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केंद्र सरकार को द्रमुक ने दी सलाह, अन्नादुरई का द्विभाषा फॉर्मूला हो देशभर में लागू
Tue, 04 Jun 2019 08:31 PM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Tue, 04 Jun 2019 08:31 PM IST
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सी एन अन्नादुरई (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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द्रमुक ने द्रविड़ नेता सी एन अन्नादुरई के द्विभाषा फॉर्मूले को देशभर में लागू करने का आग्रह किया है। पार्टी ने ऐसा केंद्र द्वारा गैर हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी पढ़ाए जाने की अनिवार्यता वाले विवादित प्रावधान को हटाने के बाद किया है। द्रमुक के मुखपत्र ‘मुरासोली’ में एक संपादकीय में इस मुद्दे पर ‘‘पूर्ण विराम’’ लगाने की मांग की गई है।
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बता दें कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के मसौदे को संशोधित कर उसमें तीन भाषा के प्रस्ताव को हटाने के लिए केंद्र के फैसला लिया था। जिसके बाद द्रमुक ने अपने दैनिक अखबार में विपक्ष के प्रस्ताव के बाद यह किया। उसने कहा कि ‘हिंदी लागू करना और फिर पीछे हटना केंद्र सरकार का गिरगिट की तरह रंग बदलना है।' मुरासोली के एक संपादकीय में लिखा गया कि 'अन्ना द्वारा दिया दो भाषा का फॉर्मला पूरे भारत में लागू किया जाना चाहिए। केवल अन्ना के रास्ते पर चलने से भारतीयता की रक्षा होगी।’
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तमिलनाडु में दिग्गज द्रविड़ नेता और पार्टी के संस्थापक सी एन अन्नादुरई के नेतृत्व में 1967 में सत्ता में आने के बाद 1968 से ही तमिल और अंग्रेजी का द्विभाषा फॉर्मूला चल रहा है। द्रमुक ने आरोप लगाया, ‘भाजपा का आखिरी लक्ष्य केवल संस्कृत है।’ उसने कहा कि भगवा पार्टी के अग्रदूत जन संघ ने एक बार कहा था कि संस्कृत पूरे भारत की आधिकारिक भाषा होनी चाहिए।
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