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खत्म हुआ द्रविड़ आंदोलन का अध्याय, करुणानिधि का लंबी बीमारी के बाद निधन

Wed, 08 Aug 2018 05:39 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Updated Wed, 08 Aug 2018 05:39 AM IST
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DMK chief M Karunanidhi passed away At 94, He was Five Time Chief Minister of Tamil Nadu
एम करुणानिधि
सफल राजनेता, फिल्म लेखक, गीतकार, साहित्यकार, कार्टूनिस्ट और पत्रकार एम करुणानिधि का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। द्रविड़ मुनेत्र कणगम के 94 वर्षीय करुणानिधि ने कावेरी अस्पताल में शाम 6:10 बजे अंतिम सांस ली। इससे पहले उनकी नाजुक हालत की खबर मिलने के बाद उनके हजारों समर्थक अस्पताल के बाहर जमा हो गए थे। 
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अस्पताल के कार्यकारी निदेशक डॉ. अरविंदन सेल्वराज ने बताया, ‘डॉक्टरों की पूरी टीम अथक प्रयासों के बावजूद अपने प्रिय नेता को नहीं बचा सकी। उनके महत्वपूर्ण अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।’ उन्हें 28 जुलाई को ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर फैलते ही उनके सैकड़ों समर्थक रोते बिलखते दिखे। 
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इससे पहले मंगलवार दिन में उनके पुत्र एम के स्टालिन ने मुख्यमंत्री पलनीस्वामी से मुलाकात की थी। उसके बाद मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। इस बीच अस्पताल और करुणनिधि के गोपालपुरम स्थित निवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
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दफनाने की जगह को लेकर विवाद
करुणानिधि को दफनाने के लिए मरीना बीच पर जगह देने के द्रमुक के आग्रह को तमिलनाडु सरकार ने खारिज कर दिया। सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री सी राजगोपालाचारी और के कामराज की समाधि के नजदीक ही करुणानिधि को दफनाने के लिए दो एकड़ जगह की पेशकश की है। एमके स्टालिन ने सीएम को पत्र लिखकर मरीना बीच पर सीएन अन्नादुराई के समाधि स्थल के पास ही करुणानिधि को दफनाने की जगह मांगी थी। सरकार का कहना है हाईकोर्ट में कई मामले लंबित होने की वजह से यह संभव नहीं है। जयललिता और एमजी रामचंद्रन के समाधि स्थल भी मरीना बीच पर ही हैं। 

आज अंतिम संस्कार
करुणानिधि का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए राजाजी हॉल में रखा जाएगा। राजकीय सम्मान के साथ उनका बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। बुधवार को राज्य में छुट्टी का एलान किया गया है। उन्हें गन सैल्यूट भी दिया जाएगा। 

तमिलनाडु में सात दिन का शोक
करुणानिधि के निधन पर तमिलनाडु सरकार ने सात दिन के शोक का एलान किया है। राज्य के मुख्य सचिव गिरिजा वैद्यनाथन ने बताया कि इस दौरान तिरंगा झुका रहेगा। सरकारी कार्यक्रम रद्द रहेंगे। दो दिन राज्य के सभी सिनेमा हॉल भी बंद रहेंगे। 

सिनेमा से सियासत तक हिट थे करुणानिधि

DMK chief M Karunanidhi passed away At 94, He was Five Time Chief Minister of Tamil Nadu
3 जून, 1924 को नागापट्टनम जिले के तिरुकुवलाई (तत्कालीन तंजाउर जिले) में जन्मे करुणानिधि की स्कूली शिक्षा पास के ही तिरुवयूर में हुई। उनके पिता मुथुवेल नागश्वरम वादक थे और उनकी मां अंजुगम एक आम गृहणी थीं।

इसलिए कहे जाते थे कलाइगनार
करुणानिधि ने सियासत में आने से पहले तमिल सिनेमा में प्रतिभा का लोहा भी मनवाया। फिल्मों में पटकथा लेखक के रूप में करियर शुरू करने के बाद समाजवादी और बुद्धिवादी आदर्शों को बढ़ावा देने वाली कहानियां लिखीं, जिसके चलते उन्हें जबरदस्त कामयाबी मिली। बहुमुखी प्रतिभा के कारण उनके प्रशंसक उन्हें कलैगनार भी कहते थे, जिसका अर्थ है कला का विद्वान। उन्हें मुथामिझ कविनार भी कहा जाता है।

पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे
करुणानिधि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे। पहली बार 10 फरवरी, 1969 से 4 जनवरी 1971। दूसरी बार 15 मार्च, 1971 से 31 जनवरी, 1976 तक मुख्यमंत्री रहे। 27 जनवरी, 1989 से 30 जनवरी, 1991 तक तीसरी बाद और चौथी बार वह 13 मई 1996 से 13 मई 2001 तक वह मुख्यमंत्री रहे। पांचवीं और अंतिम बार वह 13 मई 2006 से 15 मई 2011 तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे। 

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राहुल गांधी ने अस्पताल में की थी मुलाकात
करुणानिधि को 28 जुलाई को कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, राहुल गांधी, रजनीकांत, कमल हासन ने अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। इससे पहले 27 जुलाई को उनकी तबीयत के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका से फोन कर उनका हालचाल जाना था। तब वह बिक्स की बैठक के लिए विदेश में थे।

 

जयललिता के कट्टर प्रतिद्वंद्वी के तौर पर जाने जाते थे

तमिलनाडु की राजनीति में करुणानिधि एक कद्दावर नेता थे। जबरदस्त मेहनत और चतुर दिमाग ने उन्हें राजनीति में अपार सफलता दिलाई। उन्हें उनकी अच्छी भाषण कला के लिए जाना जाता था और वह खुद को आम आदमी की तरह पेश करते थे। वह एमजी रामचंद्रन के दौर के बाद अन्ना द्रमुक की प्रमुख जयललिता के कट्टर प्रतिद्वंद्वी के तौर पर जाने जाते थे। वर्ष 2016 में उन्होंने एक चुनावी भाषण में जयललिता को ‘महारानी’ बताया था। उसके बाद राज्य में उनका जबर्दस्त विरोध हुआ था। 

पहली फिल्म से ही पाई लोकप्रियता
करुणानिधि ने अपनी पहली ही फिल्म राजकुमारी से लोकप्रियता हासिल की। उनकी लिखी करीब 75 पटकथाओं में राजकुमारी, अभिमन्यु, मंदिरी कुमारी, मरुद नाट्टू इलवरसी, मनामगन, देवकी, पराशक्ति और तिरुम्बिपार आदि शामिल हैं।
 
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