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Karnataka: उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बोले- अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त कराएंगे; हादसे के बाद कर्नाटक सरकार सख्त
Sun, 27 Oct 2024 12:38 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: शुभम कुमार
Updated Sun, 27 Oct 2024 12:38 AM IST
सार
Karnataka: बंगलुरू में निर्माणाधीन इमारत गिरने से हुए हादसे के बाद कर्नाटक सरकार एक्शन में दिख रही है। शनिवार को डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरु में अनाधिकृत और घटिया इमारतों को गिराने का अभियान जारी कर दिया गया है।
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सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
हाल में ही बंगलूरू में निर्माणाधीन इमारत के गिरने से छह लोगों की जान चली गई थी। जिसको लेकर अब कर्नाटक सरकार एक्शन में आती हुई नजर आ रही है। शनिवार को कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और बेंगलुरु विकास मंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को घोषणा किया कि बेंगलुरु में अनाधिकृत और घटिया इमारतों को गिराने का अभियान जारी कर दिया गया है।
इसके साथ ही कर्नाटक की पिछली भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए शिवकुमार ने कहा कि पिछली सरकार ने अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों की शक्तियों में कटौती की है।
प्रेस वार्ता में बोले डीके शिवकुमार
बारिश से संबंधित नुकसान पर एक बैठक के बाद विधानसभा में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवकुमार ने कहा कि हमने इमारतों के अनधिकृत निर्माण को रोकने का फैसला किया है। पिछली सरकार ने ऐसे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों की शक्तियों को सीमित कर दिया था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अब अनधिकृत निर्माण को रोकने के लिए बीबीएमपी, बीडीए और बीएमआरडीए को सशक्त बनाने का फैसला किया है।
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अनाधिकृत संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन पर रोक
उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने अनाधिकृत संपत्तियों का पंजीकरण भी रोक दिया जाएगा। हम एक साथ अतिक्रमण हटाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके साथ ही कर्नाटक में बाढ़ राहत प्रयासों के बारे में विपक्षी नेताओं की आलोचना का जवाब देते हुए शिवकुमार ने कहा बेंगलूरू में एक झील में दो बच्चे डूब गए और घटिया निर्माण के कारण लोगों की जान चली गई। हालांकि, शहर में बारिश से संबंधित कोई मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमने बाढ़ प्रभावित लोगों को होटलों में ठहराया है और उनके लिए भोजन की व्यवस्था की है। हमारे अधिकारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
भारी बारिश से बदहाल कर्नाटक
भारी बारिश के चलते भर में स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं राहत कार्यों को लेकर विपक्ष लगातार कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला कर रही है। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस सरकार पर बेंगलूरू को वेनिस में बदलने का आरोप लगाया। इस कटाक्ष पर शिवकुमार ने जवाब दिया कि हम इमारतों की सुरक्षा और आसान सफाई और गाद निकालने की सुविधा के लिए आस-पास की सड़कों के साथ-साथ वर्षा जल निकासी नालियों का निर्माण करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में हमारा लक्ष्य लगभग 300 किलोमीटर ऐसी सड़कें बनाना है। बता दें कि कर्नाटक में अक्टूबर में भारी बारिश हुई है, वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार नवंबर और दिसंबर तक जारी रहने की उम्मीद है।
राज्य के उपायुक्तों को सख्त निर्देश
इसके सात ही उपमुख्यमंत्री ने राज्य के उपायुक्तों को दिए गए निर्देशों के बारे में कहा कि हमने उन्हें निर्देश दिया है कि वे जहां भी बारिश से फसलें बर्बाद हुई हैं, वहां मुआवजा प्रदान करें। बता दें कि इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 1.2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की और उन पीड़ितों के लिए नए घर बनाने का वादा किया जिनके घर बारिश के कारण पूरी तरह से ढह गए थे।
इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि आंशिक रूप से ढह गए घरों के लिए 50,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि भारी बारिश के कारण इस साल 25 लोगों की जान चली गई और 85 घर पूरी तरह से ढह गए, कुल 2,070 घर क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने कहा कि राज्य में 181 मिमी बारिश हुई, जो उम्मीद से अधिक थी। इस मॉनसून में हमने 181 मिमी बारिश दर्ज की, जबकि यह 114 मिमी होनी चाहिए थी, जो अधिकता को दर्शाता है।
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इसके साथ ही कर्नाटक की पिछली भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए शिवकुमार ने कहा कि पिछली सरकार ने अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों की शक्तियों में कटौती की है।
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प्रेस वार्ता में बोले डीके शिवकुमार
बारिश से संबंधित नुकसान पर एक बैठक के बाद विधानसभा में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवकुमार ने कहा कि हमने इमारतों के अनधिकृत निर्माण को रोकने का फैसला किया है। पिछली सरकार ने ऐसे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों की शक्तियों को सीमित कर दिया था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अब अनधिकृत निर्माण को रोकने के लिए बीबीएमपी, बीडीए और बीएमआरडीए को सशक्त बनाने का फैसला किया है।
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अनाधिकृत संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन पर रोक
उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने अनाधिकृत संपत्तियों का पंजीकरण भी रोक दिया जाएगा। हम एक साथ अतिक्रमण हटाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके साथ ही कर्नाटक में बाढ़ राहत प्रयासों के बारे में विपक्षी नेताओं की आलोचना का जवाब देते हुए शिवकुमार ने कहा बेंगलूरू में एक झील में दो बच्चे डूब गए और घटिया निर्माण के कारण लोगों की जान चली गई। हालांकि, शहर में बारिश से संबंधित कोई मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमने बाढ़ प्रभावित लोगों को होटलों में ठहराया है और उनके लिए भोजन की व्यवस्था की है। हमारे अधिकारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
भारी बारिश से बदहाल कर्नाटक
भारी बारिश के चलते भर में स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं राहत कार्यों को लेकर विपक्ष लगातार कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला कर रही है। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस सरकार पर बेंगलूरू को वेनिस में बदलने का आरोप लगाया। इस कटाक्ष पर शिवकुमार ने जवाब दिया कि हम इमारतों की सुरक्षा और आसान सफाई और गाद निकालने की सुविधा के लिए आस-पास की सड़कों के साथ-साथ वर्षा जल निकासी नालियों का निर्माण करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में हमारा लक्ष्य लगभग 300 किलोमीटर ऐसी सड़कें बनाना है। बता दें कि कर्नाटक में अक्टूबर में भारी बारिश हुई है, वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार नवंबर और दिसंबर तक जारी रहने की उम्मीद है।
राज्य के उपायुक्तों को सख्त निर्देश
इसके सात ही उपमुख्यमंत्री ने राज्य के उपायुक्तों को दिए गए निर्देशों के बारे में कहा कि हमने उन्हें निर्देश दिया है कि वे जहां भी बारिश से फसलें बर्बाद हुई हैं, वहां मुआवजा प्रदान करें। बता दें कि इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 1.2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की और उन पीड़ितों के लिए नए घर बनाने का वादा किया जिनके घर बारिश के कारण पूरी तरह से ढह गए थे।
इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि आंशिक रूप से ढह गए घरों के लिए 50,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि भारी बारिश के कारण इस साल 25 लोगों की जान चली गई और 85 घर पूरी तरह से ढह गए, कुल 2,070 घर क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने कहा कि राज्य में 181 मिमी बारिश हुई, जो उम्मीद से अधिक थी। इस मॉनसून में हमने 181 मिमी बारिश दर्ज की, जबकि यह 114 मिमी होनी चाहिए थी, जो अधिकता को दर्शाता है।