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Karnataka: डीके शिवकुमार ने कहा- सिद्धारमैया से मेरा कोई मतभेद नहीं, सीएम बनने के इरादे का दिया संकेत
Sun, 14 May 2023 04:18 PM IST
देव कश्यप
एएनआई, तुमकुर (कर्नाटक)।
एएनआई, तुमकुर (कर्नाटक)।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 14 May 2023 04:18 PM IST
सार
डीके शिवकुमार ने कहा कि मैंने कई बार पार्टी के लिए बलिदान दिया है। मैंने न सिर्फ बलिदान दिया बल्कि मदद की और सिद्धारमैया के साथ खड़ा रहा। जब मुझे शुरुआत में मंत्री नहीं बनाया गया तो क्या मैंने सब्र नहीं किया था? मैंने सिद्धारमैया का हमेशा सहयोग किया है।
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कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार।
- फोटो : ANI
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विस्तार
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की अटकलों के बीच प्रदेश पार्टी अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि उनका सिद्धारमैया से कोई मतभेद नहीं है। कर्नाटक सीएम पद की दौड़ में सिद्धारमैया को सबसे आगे देखा जा रहा है।
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हमारे बीच कोई मतभेद नहीं: शिवकुमार
तुमकुर के नॉनविनकेरे में रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, "कुछ लोगों को यह कहते सुना जा रहा है कि मेरे सिद्धारमैया के साथ मतभेद हैं। लेकिन हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं।" कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख की यह टिप्पणी दोनों नेताओं के समर्थकों द्वारा कर्नाटक के अगले सीएम के रूप में पोस्टर लगाए जाने के बाद आई है।
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उन्होंने कहा, मैंने कई बार पार्टी के लिए बलिदान दिया है। मैंने न सिर्फ बलिदान दिया बल्कि मदद की और सिद्धारमैया के साथ खड़ा रहा। जब मुझे शुरुआत में मंत्री नहीं बनाया गया तो क्या मैंने सब्र नहीं किया था? मैंने सिद्धारमैया का हमेशा सहयोग किया है।
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शिवकुमार ने मुख्यमंत्री बनने के अपने इरादे का दिया संकेत
डीके शिवकुमार ने यह भी संकेत दिया कि वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं। साथ ही कहा कि उन्होंने सभी को साथ लाया, लेकिन अपने लिए कभी कुछ नहीं मांगा। शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी और विधायक दल कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री का फैसला करेंगे।
इस सवाल पर कि लोगों को पसंद करने वालों की जगह मेहनत करने वालों को भी तरजीह दी जानी चाहिए, शिवकुमार ने कहा कि जब सिद्धारमैया और दिनेश गुंडू राव ने 2019 के उपचुनावों में पार्टी की हार के बाद क्रमशः कांग्रेस विधायक दल के अध्यक्ष और राज्य इकाई के प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था, तब कांग्रेस की तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन पर विश्वास जताया था और उन्हें अध्यक्ष बनाया था। शिवकुमार ने यह भी याद किया कि जब वह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में थे, तो गांधी ने अपना समर्थन दिखाने के लिए उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने कहा, "मैंने अपने लिए कुछ भी गलत नहीं किया। मैंने जो कुछ भी किया वह पार्टी के लिए किया। मेरी सारी पीड़ा पार्टी के लिए थी।"
आज होनी है कांग्रेस विधायक दल की बैठक
शनिवार को कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराकर बड़ी जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस के सामने अब मुख्यमंत्री तय करने की चुनौती है, क्योंकि सिद्धारमैया इस दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। उनके बाद राज्य के पार्टी अध्यक्ष डीके शिवकुमार का नाम है। इस मामले पर निर्णय लेने के लिए पार्टी अध्यक्ष और पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों सहित कर्नाटक कांग्रेस के नेता आज बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की बैठक करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में पार्टी के नेता आलाकमान को सीएम और डिप्टी सीएम चेहरे पर फैसला करने के लिए अधिकृत करते हुए एक प्रस्ताव पारित करेंगे। सूत्रों ने कहा कि सिद्धारमैया सीएम पद के पहले दावेदार हैं, इसलिए कांग्रेस आलाकमान उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी नेतृत्व ने शिवकुमार की कड़ी मेहनत को स्वीकार करते हुए उन्हें डिप्टी सीएम के पद की पेशकश की है। सूत्रों ने कहा कि शिवकुमार को एक महत्वपूर्ण मंत्रालय की भी पेशकश की गई है।
सूत्रों ने कहा कि कर्नाटक चुनाव में विजयी होने के बाद कांग्रेस सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री पद के रूप में पेश करना चाहती है। सिद्धारमैया ओबीसी के कुर्बा समाज से आते हैं। डीके शिवकुमार ने कनकपुरा निर्वाचन क्षेत्र में जेडीएस उम्मीदवार बी नागराजू को 1,22,392 मतों से हराया, जबकि सिद्धारमैया ने वरुणा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वी सोमन्ना को हराया। चुनाव आयोग के अनुसार, कांग्रेस ने एकमात्र दक्षिणी राज्य में भाजपा को सत्ता से बाहर करते हुए 135 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा 66 सीटें जीतने में कामयाब रही।