{"_id":"656e684cca94d4a5aa0de556","slug":"disqualified-mp-took-party-to-the-top-in-three-years-will-now-take-over-power-of-mizoram-2023-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mizoram: अयोग्य घोषित सांसद ने पार्टी को तीन साल में शीर्ष पर पहुंचाया, अब संभालेंगे मिजोरम की सत्ता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Mizoram: अयोग्य घोषित सांसद ने पार्टी को तीन साल में शीर्ष पर पहुंचाया, अब संभालेंगे मिजोरम की सत्ता
Tue, 05 Dec 2023 05:31 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 05 Dec 2023 05:31 AM IST
सार
लालदुहोमा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सुरक्षा अधिकारी के तौर पर सेवा दे चुके हैं। उन्होंने पहली बार 1984 में कांग्रेस के टिकट पर मिजोरम विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए थे। उसी वर्ष बतौर कांग्रेस उम्मीदवार वह निर्विरोध सांसद चुने गए।
विज्ञापन
लालदुहोमा
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जोरम पीपल्स मूवमेंट (जेडपीएम) को शानदार जीत दिलाने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी लालदुहोमा (73) का राजनीतिक सफर कई बाधाओं से जूझते हुए बीता है। दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने वाले पहले सांसद रहे लालदुहोमा अब मिजोरम की सत्ता संभालेंगे। उन्होंने 2020 में जोरम पीपल्स मूवमेंट (जेडपीएम) का गठन किया और तीन साल में ही सत्ता तक पहुंचा दिया।
विज्ञापन
लालदुहोमा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सुरक्षा अधिकारी के तौर पर सेवा दे चुके हैं। उन्होंने पहली बार 1984 में कांग्रेस के टिकट पर मिजोरम विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए थे। उसी वर्ष बतौर कांग्रेस उम्मीदवार वह निर्विरोध सांसद चुने गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री ललथनहवला और कुछ कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगने के बाद उन्होंने 1986 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया और पार्टी से अपनी प्राथमिक सदस्यता वापस ले ली।
विज्ञापन
कांग्रेस छोड़ने के बाद लालदुहोमा दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने वाले पहले सांसद बने। 2020 में विधायक के तौर पर भी अयोग्य घोषित हो चुके हैं। उन पर आरोप लगा कि वे निर्दलीय जीते और फिर जेडपीएम में शामिल हुए।
विज्ञापन
केंद्र से बनाएंगे अच्छे संबंध
लालदुहोमा ने कहा, मिजोरम की अगली सरकार केंद्र से अच्छे संबंध बनाए रखेगी, पर उनकी पार्टी किसी राजनीतिक समूह में शामिल नहीं होगी। उन्होंने कहा, उनकी प्राथमिकताएं अधूरी परियोजनाओं को पूरा करना होगा।
एमएनएफ ने लालछंदमा राल्ते को विधायक दल का नेता चुना
मिजोरम विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने मंगलवार को निवर्तमान शिक्षा मंत्री लालछंदमा राल्ते को अपने विधायक दल का नेता चुना। निवर्तमान मुख्यमंत्री जोरमथांगा के आवास पर आयोजित एक बैठक में डम्पा विधानसभा क्षेत्र से चुने गए एमएनएफ के सलाहकार लालरिंतलुआंगा सेलो को विधायक दल का उप-नेता चुना गया। यह कदम एमएनएफ को 40 सदस्यीय विधानसभा में केवल 10 सीट मिलने के बाद उठाया गया है।
33 साल बाद जोरमथांगा ने एमएनएफ अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया
मिजोरम के निवर्तमान मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने विधानसभा चुनाव में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) की करारी हार के चलते मंगलवार को 33 साल के लंबे कार्यकाल के बाद पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। एमएनएफ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तावंलुइया को भेजे गए अपने त्याग पत्र में जोरमथांगा ने कहा कि वह पार्टी के अध्यक्ष के रूप में चुनावी हार के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं।