कोविड ड्यूटी के लिए दिव्यांग डॉक्टर को वेतन नहीं प्रशंसा पत्र मिला, जानिए क्या है मामला
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सरकारी संस्थाओं में ही केंद्र सरकार के निर्देशों का किस तरह से उल्लंघन होता है, यह मामला उसका आदर्श उदाहरण हो सकता है। केंद्र सरकार से स्पष्ट निर्देश के बाद भी उत्तरी दिल्ली नगर निगम में एक दिव्यांग डॉक्टर न केवल अपनी ड्यूटी कर रहा है बल्कि एक कोरोना हेल्थ सेंटर के प्रमुख की जिम्मेदारी भी निभा रहा है। बिना किसी छुट्टी के लगातार कोविड ड्यूटी करने डॉ. सुमित आनंद को वरिष्ठ अधिकारियों से दो बार प्रशंसा पत्र भी मिल चुके हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि पिछले छह महीने से उन्हें कोई वेतन नहीं मिला है। अब वेतन पाने के लिए सुमित ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से गुहार लगाई है।
डॉ. सुमित आनंद उत्तरी दिल्ली नगर निगम में करोल बाग एरिया में अर्बन हेल्थ सेंटर में काम कर रहे हैं। कोरोना काल को देखते हुए उन्हें स्पेशल कोविड ड्यूटी पर लगाया गया है, जहां वे बिना किसी छुट्टी के लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन विभाग ने जून, 2020 से अब तक उनका वेतन रिलीज नहीं किया है।
अप्रैल में पिता की सेहत खराब होने के कारण कुछ दिन की छुट्टी पर गए डॉक्टर को छुट्टी सैंक्शन होने के बाद वेतन बनने के आधार पर अब तक वेतन नहीं मिल सका है। यह ऐसे समय में हो रहा है, जबकि प्रधानमंत्री से लेकर दिल्ली सरकार ने कोविड काल में किसी भी कर्मचारी को कोई परेशानी न हो इसके लिए स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं।
नहीं मिल रहीं दिव्यांगजनों को मिलने वाली सुविधाएं
मामले में एक संवेदनशील पहलू यह भी है कि यूपीएससी परीक्षा पास कर निगम में स्वास्थ्य सेवा कर रहे डॉक्टर सुमित आनंद 2018 में एक दुर्घटना के कारण दिव्यांग श्रेणी में आ गए। दिल्ली सरकारा और केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय से इसके लिए प्रमाण पत्र भी जारी किया जा चुका है। ये प्रमाण पत्र उन्होंने विभाग में जमा कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी आज तक इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और जो सुविधाएं उन्हें दिव्यांग श्रेणी के व्यक्ति होने के नाते उन्हें मिलनी चाहिए, वे अब तक नहीं मिली हैं।
चार साल से कोई वेतन वृद्धि नहीं
डॉक्टर सुमित आनंद का आरोप है कि सेवा में जुड़ने के चार साल बाद भी अभी तक उनके वेतन में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि उनके ही साथ के उनके सहयोगी उनसे लगभग 20 हजार रुपये प्रति माह अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं।
अब कर रहे अपील
अपने वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार कहने के बाद भी जब डॉक्टर सुमित आनंद का वेतन जारी नहीं हो सका, तब उन्होंने विभाग के सर्वोच्च अधिकारियों से अपील की। लेकिन आरोप है कि अधिकारियों ने इसे निचले स्तर का मामला बताकर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अब वे उपराज्यपाल से वेतन पाने की गुहार लगा रहे हैं।