भारत की चीन को दो टूक: सीमा पर शांति के बिना मजबूत नहीं हो सकते आपसी रिश्ते
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि हमने चीन से साफ कह दिया है कि आपसी रिश्ते मजबूत करने के लिए सीमा पर शांति होना जरूरी है।
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भारत ने एक बार फिर सीमा विवाद को लेकर चीन को खरी-खरी सुनाई है। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि हमने चीन से साफ कह दिया है कि आपसी रिश्ते मजबूत करने के लिए सीमा पर शांति होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत-चीन रिश्ते तीन चीजों पर आधारित हैं- आपसी सम्मान, एक-दूसरे के लिए संवेदनशीलता और आपसी हित।
We've made it clear to Chinese side that peace & tranquility in border areas is essential for the development of our relationship. Development of India-China relationship can only be based on ‘three mutuals’-mutual respect, mutual sensitivity & mutual interests: Foreign Secretary pic.twitter.com/TU297eUiPp
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— ANI (@ANI) September 20, 2021
वहीं, श्रृंगला ने जानकारी दी कि पहली क्वाड बैठक के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आमंत्रण पर भारत इसमें हिस्सा लेगा। क्वाड फ्रेमवर्क के तहत सहयोग का एजेंडा रचनात्मक और विविध होगा।
उन्होंने कहा कि क्वाड के चारों देश इंफ्रास्क्ट्रचर कनेक्टिविटी, उभरती तकनीक, जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई, शिक्षा और सबसे अहम कोविड-19 स्थिति को लेकर काम कर रहे हैं। खास तौर पर वैक्सीन आपूर्ति को लेकर आपसी सहयोग से काम हो रहा है।
विदेश सचिव ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक लचीला और विश्वसनीय बनाने के लिए उन्हें विश्वसनीय और विविधतापूर्ण बनाने की जरूरत हमें एक साथ काम करने का अवसर प्रदान करती है। हम आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन पर व्यक्तिगत रूप से कवाड के ढांचे के भीतर और क्वाड राष्ट्रों के साथ कई पहलों में शामिल हैं।
पड़ोस के देशों में हालात के मुद्दे पर श्रृंगला ने कहा कि अफगानिस्तान और पूर्वी सीमा पर चीन हमें याद दिलाते हैं कि नई वास्तविकताएं सामने आ रही हैं और परंपरागत चुनौतियां पहले की तरह ही बनी हुई हैं।