36 घंटों के जबरदस्त अभियान के बाद भी लापता है एएन-32 विमान
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शुक्रवार को चेन्नई से पोर्टब्लेयर की उड़ान के दौरान गायब हुआ वायुसेना का एएन-32 विमान अब तक लापता है। सेना की ओर से पूरी ताकत झोंक देने के बावजूद इसे ढूंढने में कामयाबी नहीं मिल सकी है।
अब इसरो भी सेटेलाइट से जुड़ी तकनीक रडार इमेजिंग के जरिये विमान का सुराग पाने की कोशिश कर रहा है। रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने शनिवार को खोजी विमान पर सवार होकर हालात का जायजा लिया।
फ्लैग ऑफिसर आलोक भटनागर ने बताया कि तलाश जारी है। अब तक दुर्घटना की आशंका से संबंधित किसी जगह की पहचान नहीं की जा सकी है। एयर मार्शल ए के सिंह के मुताबिक जहाज में सवार लोगों के बचने की संभावना लगातार कम होती जा रही है।
उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि संपर्क टूटने से पहले विमान 23000 फीट की ऊंचाई से अचानक जमीन की तरफ आया था। यह हाल के इतिहास का सबसे बड़ा खोजी अभियान साबित हो रहा है। खराब मौसम की वजह से भी बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
नौसेना और कोस्टगार्ड के 14 जहाज लगे हैं
इस काम में नौसेना और कोस्टगार्ड के 14 जहाज लगे हैं। इसके अलावा खोजी और एंटी सबमरीन विमान भी लगातार इसमें जुटे हुए हैं। अब तक कोई परिणाम नहीं निकलता देख पनडुब्बी जहाजों को भी खाड़ी में भेजा गया है।
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को उड़ान भरने के 16वें मिनट में पायलट से आखिरी बार बात हुई थी, जिसमें सब कुछ सामान्य था। जब विमान का संपर्क टूटा तब वह चेन्नई से पूर्व 240 किलोमीटर की दूरी पर था।
गौरतलब है वायुसेना के लिए ट्रांसपोर्ट विमानों के तौैर पर इस्तेमाल होने वाले एएन-32 सीरीज का एक विमान शुक्रवार की सुबह तंबाराम एयरबेस से पोर्ट ब्लेयर की ओर उड़ान भरने के बाद आसमान से लापता हो गया था। उड़ान भरने के 16 मिनट बाद ही उसका रेडियो संपर्क टूट गया था।
बचाव कार्य की निगरानी कर रहे रक्षा मंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ी तो इसके लिए और संसाधन झोंके जाएंगे। रक्षा मंत्री बचाव कार्य की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उनके साथ एयर चीफ मार्शल अरूप राहा भी हैं। विमान में एक महिला अफसर समेत वायुसेना के 11 लोग सवार हैं। दो थलसेना, एक कोस्टगार्ड और नौ लोग नौसेना के हैं। चालक दल के छह सदस्य हैं।