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नोटबंदी का असर: दवाएं न मिलने पर किशोर की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Tue, 13 Dec 2016 03:52 AM IST
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अलीगढ़ के पं. दीनदयाल अस्पताल में भर्ती एक किशोर की मौत हो गई। उसके पिता का कहना है कि बैंक से रुपये न मिलने के कारण वह बेटे का इलाज नहीं करा सका। दवाओं के अभाव में उसके पुत्र की मौत हो गई।
कस्बा दादों निवासी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि दो माह पहले उसके 16 वर्षीय बेटे गीतम सिंह को बुखार आया था। उसका इलाज छर्रा और दादों के चिकित्सकों से कराया पर कोई लाभ न होने पर एक माह पहले अलीगढ़ के पं. दीनदयाल अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
दस दिन पहले रुपये खत्म होने पर दादों के ग्रामीण बैंक गया तो वहां कैश न होने के कारण निराश लौटना पड़ा। इसी बीच मैनेजर व कुछ ग्राहकों के बीच विवाद हो गया। इससे नाराज होकर बैंककर्मियों ने शाखा में ताला लगा दिया। इसी के साथ तीन दिन की छुट्टियां हो गईं। कुल मिलाकर आठ दिन तक बैंक नहीं खुला।
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इससे वह गीतम के इलाज के दौरान दवाएं नहीं खरीद सका। दवाओं के अभाव में गीतम की रविवार की रात अस्पताल में मौत हो गयी। जयप्रकाश ने बेटे के शव का पोस्टमार्टम नहीं करने दिया। उसने शव गांव लाकर सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया। गीतम तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से गांव में मातम छाया हुआ है।
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कस्बा दादों निवासी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि दो माह पहले उसके 16 वर्षीय बेटे गीतम सिंह को बुखार आया था। उसका इलाज छर्रा और दादों के चिकित्सकों से कराया पर कोई लाभ न होने पर एक माह पहले अलीगढ़ के पं. दीनदयाल अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
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दस दिन पहले रुपये खत्म होने पर दादों के ग्रामीण बैंक गया तो वहां कैश न होने के कारण निराश लौटना पड़ा। इसी बीच मैनेजर व कुछ ग्राहकों के बीच विवाद हो गया। इससे नाराज होकर बैंककर्मियों ने शाखा में ताला लगा दिया। इसी के साथ तीन दिन की छुट्टियां हो गईं। कुल मिलाकर आठ दिन तक बैंक नहीं खुला।
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इससे वह गीतम के इलाज के दौरान दवाएं नहीं खरीद सका। दवाओं के अभाव में गीतम की रविवार की रात अस्पताल में मौत हो गयी। जयप्रकाश ने बेटे के शव का पोस्टमार्टम नहीं करने दिया। उसने शव गांव लाकर सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया। गीतम तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से गांव में मातम छाया हुआ है।