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Bullet Train : दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन पर फिलहाल ‘ब्रेक’, रूट पर कई घुमाव, रेलवे ने खारिज की यह रिपोर्ट
Tue, 23 Aug 2022 06:12 AM IST
योगेश साहू
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 23 Aug 2022 06:12 AM IST
सार
Bullet Train : रेलवे बोर्ड ने रिपोर्ट पर विचार-विमर्श के बाद सुझाव दिया है कि फिलहाल सेमी हाईस्पीड वाली वंदे भारत के संचालन पर ही ध्यान दिया जाए। वंदे भारत करीब 160-200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है।
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bullet train
- फोटो : istock
विस्तार
Bullet Train : दिल्ली-वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया। परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट रेलवे बोर्ड ने खारिज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड का दावा है, रूट पर कई घुमाव हैं, जिनके कारण 350 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बुलेट ट्रेन चला पाना संभव नहीं। रेलवे बोर्ड की पिछले सप्ताह हुई बैठक में यह फैसला हुआ।
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नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लि. ने बैठक में पेश व्यवहार्यता रिपोर्ट में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के साथ कॉरिडोर भी बनाने का प्रस्ताव दिया था। इससे सस्ती दर पर जमीन अधिग्रहण व निर्माण लागत कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के घुमावों ने तकनीकी बाधा खड़ी कर दी। दिल्ली से वाराणसी तक कई जगह मौजूद इन घुमावों के कारण वहां वांछित रफ्तार से ट्रेन चलाना खतरनाक है। हाईस्पीड ट्रेन का ट्रैक सीधा होना चाहिए।
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देरी से बढ़ेगी लागत
- सूत्रों के मुताबिक, कॉरपोरेशन परियोजना पर काम शुरू करने को उत्सुक है। हालांिक, रेलवे बोर्ड सशंकित है। देरी से लागत भी बढ़ेगी।
- मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट में देरी के कारण अनुमानित लागत 1.50 लाख करोड़ तक पहुंचने वाली है। एक किमी हाईस्पीड कॉरिडोर बनाने में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होता है।
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बदला फोकस : अगले तीन साल में 400 वंदे भारत ट्रेन
- रेलवे बोर्ड ने रिपोर्ट पर विचार-विमर्श के बाद सुझाव दिया है कि फिलहाल सेमी हाईस्पीड वाली वंदे भारत के संचालन पर ही ध्यान दिया जाए।
- वंदे भारत करीब 160-200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है। अधिकारियों के मुताबिक, अगले तीन साल में ऐसी 400 ट्रेनें उपलब्ध होंगी। इन्हें अलग अलग रूटों पर चलाया जा सकेगा।