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दिल्ली-मुंबई का सफर होगा तेज: 160 KM की रफ्तार के लिए रेलवे ने बढ़ाए कदम, यात्रियों का बचेगा इतना समय
Mon, 19 Oct 2026 08:09 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 19 Oct 2026 08:09 PM IST
सार
रेलवे के मिशन रफ्तार तहत दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलाने का लक्ष्य है। बेहतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था से भविष्य में वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और यात्री व मालगाड़ियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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रेलवे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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यात्रीगण ध्यान दें! आने वाले दिनों में आपकी यात्रा न केवल सुखद होगी बल्कि सुगम भी होने जा रही है। भारतीय रेलवे सेमी हाई स्पीड ट्रेनों और लग्जीरियस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इससे 45 मिनट से लेकर 4 घंटे तक की समय की बचत होगी। यानी अब दिल्ली से मुंबई का न केवल केवल आसान होगा बल्कि समय की भी बचत होगी।
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इसी के मद्देनजर दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए कोटा मंडल में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने में जुट गया है। मंडल में 596 ट्रैक किलोमीटर रेलखंड पर बिजली से जुड़े ढांचे को अपग्रेड किया गया है। इससे भविष्य में वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलाने में मदद मिलेगी। इसी दिशा में सालाबाद से मुरहेसी रामपुर के बीच 128 ट्रैक किलोमीटर रेलखंड पर नई 2×25 केवी बिजली आपूर्ति प्रणाली शुरू की गई है। इसके साथ ही कोटा मंडल में इस प्रणाली के दायरे में आने वाले रेलखंड की कुल लंबाई 596 ट्रैक किलोमीटर हो गई है।
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कोटा मंडल के रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था से तेज रफ्तार यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों को पर्याप्त बिजली मिलेगी। इससे बिजली आपूर्ति बेहतर होगी और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव भी कम होगा। इसके अलावा भरतपुर में 2×25 केवी ट्रैक्शन सब स्टेशन भी चालू हो गया है। यह पूरी क्षमता से काम कर रहा है। कोटा मंडल में इस तकनीक का यह चौथा सब स्टेशन है। इससे पहले सुवासरा, गंगापुर सिटी जंक्शन और रामगंज मंडी में ऐसे सब स्टेशन शुरू किए जा चुके हैं। यह बिजली आपूर्ति प्रणाली तीन रेलखंडों पर शुरू की गई है। इनमें नागदा-रावत रोड के बीच 368 ट्रैक किलोमीटर, मलारना-पिलोदा के बीच 100 ट्रैक किलोमीटर और सालाबाद-मुरहेसी रामपुर के बीच 128 ट्रैक किलोमीटर का रेलखंड शामिल है। इस व्यवस्था के तहत कोटा मंडल में 12 सब-सेक्शनिंग पोस्ट, सात सेक्शनिंग पोस्ट और चार ट्रैक्शन सब स्टेशन हैं। नए रेलखंड पर सालाबाद और मुरहेसी रामपुर में दो सेक्शनिंग पोस्ट, जबकि पिंगोरा और जाजनपट्टी में दो सब-सेक्शनिंग पोस्ट बनाए गए हैं।
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ज्यादा ट्रेनें चलाने में मिलेगी मदद
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 2×25 केवी प्रणाली से लंबी दूरी तक बेहतर बिजली आपूर्ति हो सकेगी। इससे वोल्टेज में गिरावट कम होगी। स्वचालित सिग्नलिंग से कम समय के अंतराल पर अधिक ट्रेनें चलाने में भी मदद मिलेगी। यह व्यवस्था दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों को 160 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने की योजना के लिए भी अहम है। इससे भविष्य में वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और यात्री व मालगाड़ियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इस रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए ट्रैक, सिग्नलिंग और अन्य परिचालन व्यवस्थाओं का उपयुक्त होना जरूरी है। इसके लिए आवश्यक मंजूरियां भी लेनी होंगी।