Agnipath Scheme: राजनाथ सिंह ने 'अग्निपथ' को बताया परिवर्तनकारी योजना, बोले- नियमित समीक्षा से खामियां दूर करेंगे
सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए शुरू हुई योजना पर उठ रही आशंकाओं देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा इस योजना की खामियों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें दूर किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं में जवानों की भर्ती की नई योजना अग्निपथ पथ को लेकर उठ रही आशंकाओं को बेवजह करार देते हुए शनिवार को कहा कि इस योजना की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी और खामियों को समय-समय पर दूर किया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस योजना को मुख्य हितधारकों से दो साल तक मंथन के बाद अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने इस योजना को ‘परिवर्तनकारी’ करार दिया।
गौरतलब है कि 14 जून को सरकार ने सेना में भर्ती के लिए इस योजना की घोषणा की जिसमें साढ़े 17 से 21 साल के उम्र के युवकों की चार साल के लिए भर्ती की जाएगी। इस योजना के तहत भर्ती 25 प्रतिशत युवकों को सेना में 15 साल और काम करने का मौका मिलेगा। वर्ष 2022 के लिए भर्ती की ऊपरी आयुसीमा को 21 साल से बढ़ाकर 23 साल किया गया है।
देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए
इस योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे क्योंकि योजना के तहत भर्ती 75 प्रतिशत युवकों के लिए रोजगार गांरटी नहीं है। राजनाथ सिंह ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा, ‘‘योजना को लागू करने दीजिए। हम हर साल इसकी समीक्षा करेंगे और अगर कोई खामी या चुनौती आएगी तो हम उन्हें दूर करने की कोशिश करेंगे। यह हमारी सरकार का वादा है।’’ उन्होंने कहा कि यह सशस्त्र बलों में भर्ती की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव होगा।
‘अग्निवीर’ के तौर पर भर्ती 75 प्रतिशत युवकों की सेवा चार साल में समाप्त होने का संदर्भ देते हुए सिंह ने कहा कि सरकार ने उनके लिए कुछ योजना बनाई है। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी कोई योजना आती है तो लोगों के दिमाग में उनके प्रति कुछ आशंकाएं होती हैं।’’ सिंह ने कहा, ‘‘मैं नहीं कह रहा कि कोई आशंका नहीं होनी चाहिए...लेकिन हम इन सभी आशंकाओं पर चर्चा करने को तैयार हैं और अगर कोई चुनौती आती है तो हम उसका समाधान करेंगे।’’
रक्षा मंत्री ने कहा कि वह इस योजना को रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव वाला सुधार मानते हैं और इससे भर्ती प्रक्रिया में भी क्रांतिकारी बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि अग्नि वीरों की सेवा के चार वर्ष पूरे होने के बाद उनमें से 25 प्रतिशत को नियमित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाकी बचे 75 प्रतिशत के भवष्यि को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं लेकिन वह युवाओं को आश्वस्त करना चाहते हैं कि बाकी बचे 75 के 75 प्रतिशत भी यदि बाद में नौकरी करना चाहते हैं तो उनके लिए भी सरकार ने योजना बनाई है।
बता दें कि तीनों सेना प्रमुखों ने मंगलवार को अलग-अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और उन्हें योजना को लागू करने की अपनी योजना के बारे में जानकारी दी थी। इस योजना के तहत, सशस्त्र बलों ने इस साल 46,000 सैनिकों की भर्ती करने की योजना बनाई है और आने वाले वर्षों में यह संख्या बढ़ने वाली है।