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राफेल डील पर कांग्रेस के आरोपों का रक्षा मंत्री ने दिया जवाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 18 Sep 2018 04:01 PM IST
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Nirmala Sitaraman
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रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पिछली यूपीए सरकार के समय के करार में तय कीमत की तुलना में नौ फीसदी कम कीमत पर राफेल विमान हासिल कर रही है।यहां पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने यह भी कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में ‘‘अच्छा मुकाबला’’ होगा और भाजपा सत्ता में वापसी करेगी।
राफेल करार के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से मोदी सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘हमने जवाब दिया है कि आपके आधार मूल्य और हमें मिल रहे आधार मूल्य की जब कुल मिलाकर तुलना करेंगे तो हमारा नौ फीसदी सस्ता है।’’
इससे पहले, पूर्व रक्षा मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए.के.एंटनी ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उसकी ओर से खरीदा जा रहा विमान वाकई सस्ता है तो उसने 126 से ज्यादा विमान क्यों नहीं खरीदे।
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एंटनी ने कहा कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हाल में दावा किया था कि नए समझौते में विमान की कीमत यूपीए सरकार के समय के समझौते में तय कीमत से नौ फीसदी सस्ती है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह 20 फीसदी सस्ती है जबकि भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि यह 40 फीसदी सस्ती है, तो ‘‘अगर यह इतनी ही सस्ती है तो उन्होंने 126 से ज्यादा विमान क्यों नहीं खरीदे?’’
पिछली यूपीए सरकार ने 126 मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) खरीदने के लिए फ्रांसीसी कंपनी ‘दसाल्ट एविएशन’ से 2012 में बातचीत शुरू की थी।
कंपनी को 18 ऐसे राफेल विमानों की आपूर्ति करनी थी जो उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार हों, जबकि उसे 108 ऐसे राफेल विमानों की आपूर्ति करनी थी जिसे कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ मिलकर भारत में बनाती। बहरहाल, यह करार यूपीए सरकार के दौरान अंतिम रूप नहीं ले सका था।
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राफेल करार के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से मोदी सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘हमने जवाब दिया है कि आपके आधार मूल्य और हमें मिल रहे आधार मूल्य की जब कुल मिलाकर तुलना करेंगे तो हमारा नौ फीसदी सस्ता है।’’
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इससे पहले, पूर्व रक्षा मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए.के.एंटनी ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उसकी ओर से खरीदा जा रहा विमान वाकई सस्ता है तो उसने 126 से ज्यादा विमान क्यों नहीं खरीदे।
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एंटनी ने कहा कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हाल में दावा किया था कि नए समझौते में विमान की कीमत यूपीए सरकार के समय के समझौते में तय कीमत से नौ फीसदी सस्ती है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह 20 फीसदी सस्ती है जबकि भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि यह 40 फीसदी सस्ती है, तो ‘‘अगर यह इतनी ही सस्ती है तो उन्होंने 126 से ज्यादा विमान क्यों नहीं खरीदे?’’
पिछली यूपीए सरकार ने 126 मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) खरीदने के लिए फ्रांसीसी कंपनी ‘दसाल्ट एविएशन’ से 2012 में बातचीत शुरू की थी।
कंपनी को 18 ऐसे राफेल विमानों की आपूर्ति करनी थी जो उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार हों, जबकि उसे 108 ऐसे राफेल विमानों की आपूर्ति करनी थी जिसे कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ मिलकर भारत में बनाती। बहरहाल, यह करार यूपीए सरकार के दौरान अंतिम रूप नहीं ले सका था।