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कर्जमाफी से नहीं होगा किसानों की समस्या का समाधान: उपराष्ट्रपति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 27 Oct 2018 03:45 AM IST
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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने चुनावों के दौरान कृषि क्षेत्र को लेकर बड़े बड़े लोक लुभावन वादे किए जाने पर चिंता जताई है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसानों के फसल कर्ज माफ करने से इस क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। कृषि क्षेत्र की नई चुनौतियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना लागू करने की जरूरत है। कांग्रेस ने वादा किया है कि अगर वह 2019 में केंद्र में सत्ता में आई तो किसानों के सभी कृषि कर्ज माफ कर देगी।
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इस पर अपरोक्ष रूप से प्रतिक्रिया देते हुए उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि संसद, राजनीतिक दलों, सोच विचार करने वालों, नीति आयोग और मीडिया को, बढ़ती खाद्य मांग को देखते हुए जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण में गिरावट की बढ़ती चुनौतियों के बीच, किसानों से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। नायडू ने कहा, ‘चुनाव के दौरान लोगों का दिल जीतने के लिए हम लोक लुभावन बातें करते हैं। इससे कृषि क्षेत्र में किसी समस्या का हल नहीं होने वाला है।
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हम मुफ्त बिजली की बात करते हैं। मैं मुफ्त बिजली के पक्ष में नहीं हूं। हम किसानों का कर्ज माफ करने की भी बात करते हैं। यह भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। फसल कर्ज को एक बार माफ करने से समस्या नहीं सुलझेगी, क्योंकि किसानों को हर साल कर्ज की जरूरत होती है। राजनीतिक दल चुनाव के दौरान ऐसे वादे तो करते हैं, कुछ इसे पूरा भी कर सकते हैं, लेकिन यह दीर्घकालिक समाधान नहीं है।’
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