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COVID-19: 7-12 साल के बच्चों के लिए सीरम इंस्टीट्यूट की कोवोवैक्स को मिली मंजूरी, DCGI की बैठक में हुआ फैसला
Tue, 28 Jun 2022 10:22 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 28 Jun 2022 10:22 PM IST
सार
कोवोवैक्स को 18 साल से ऊपर वालों के लिए पहले ही मंजूर किया जा चुका है।
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बच्चे के लिए कोरोना वैक्सीन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने 7 से 12 साल के बच्चों के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की कोवोवैक्स वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा डीसीजीए ने जेनोवा बायोफार्मास्यूटिकल की दो डोज की एमआरएनए वैक्सीन को भी मंजूर कर लिया। हालांकि, यह वैक्सीन अभी 18 साल और इसके ऊपर के लोगों को ही लगाने की मंजूरी मिली है। यह पहली बार है, जब एमआरएनए तकनीक से बनी वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखने लायक बनाया गया है।
जेनोवा बायोफार्मास्यूटिकल ने अप्रैल में ही डेटा सबमिट किया था और मई में अतिरिक्त डेटा भी जमा करा दी। मई के शुरुआत में जेनोवा ने एएनआइ को बयान दिया था जिसमें फेज 3 के डेटा को सबमिट करने को लेकर अपडेट दिए थे। जीनोवा के प्रवक्ता ने कहा, रेगुलेटरी एजेंसी के साथ जीनोवा की बातचीत हो रही है और उत्पाद की मंजूरी के लिए आवश्यक डेटा व जानकारी को जमा करा दिया गया है। कंपनी ने फेज 2 और फेज 3 के ट्रायल में 4000 प्रतिभागियों को शामिल किया था। इस ट्रायल में वैक्सीन की सुरक्षा व इसके अन्य पहलुओं की भी जांच की गई। कोरोना वैक्सीन जैमकोवैक-19 देश का पहला स्वदेशी एमआरएनए कोविड-19 वैक्सीन है और इसे हेल्थकेयर इंडस्ट्री में बड़े बदलाव की तरह देखा जा रहा है।
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जेनोवा बायोफार्मास्यूटिकल ने अप्रैल में ही डेटा सबमिट किया था और मई में अतिरिक्त डेटा भी जमा करा दी। मई के शुरुआत में जेनोवा ने एएनआइ को बयान दिया था जिसमें फेज 3 के डेटा को सबमिट करने को लेकर अपडेट दिए थे। जीनोवा के प्रवक्ता ने कहा, रेगुलेटरी एजेंसी के साथ जीनोवा की बातचीत हो रही है और उत्पाद की मंजूरी के लिए आवश्यक डेटा व जानकारी को जमा करा दिया गया है। कंपनी ने फेज 2 और फेज 3 के ट्रायल में 4000 प्रतिभागियों को शामिल किया था। इस ट्रायल में वैक्सीन की सुरक्षा व इसके अन्य पहलुओं की भी जांच की गई। कोरोना वैक्सीन जैमकोवैक-19 देश का पहला स्वदेशी एमआरएनए कोविड-19 वैक्सीन है और इसे हेल्थकेयर इंडस्ट्री में बड़े बदलाव की तरह देखा जा रहा है।
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