दाभोलकर हत्याकांड : तावड़े की गिरफ्तारी से सुलझेंगी कई गुत्थियां
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महाराष्ट्र में अंधविश्वास के खिलाफ मुहिम चलाने वाले डॉ. नरेन्द्र दाभोलकर हत्याकांड में डॉ. वीरेंद्र सिंह तावड़े की गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई को उसके जरिए कई मामलों की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है। यह इस हत्याकांड में पहली गिरफ्तारी है। सीबीआई कन्नड़ लेखक कलबुर्गी और वामपंथी नेता गोविंद पनसारे की हत्या की गुत्थी सुलझना चाहती है।
फॉरेंसिक जांच में पहले ही सामने आ चुका है कि कलबुर्गी, पनसारे और दाभोलकर की हत्या में जिन कारतूसों का इस्तेमाल किया गया था वे आपस में मेल खाते हैं। इन तीनों की हत्या में 7.65 एमएम के कारतूसों से हुई थी।
सीबीआई ने शुक्रवार की देर रात डॉ तावड़े को मुंबई से गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने शनिवार को आरोपी तावड़े को पुणे के शिवाजी नगर सत्र न्यायालय में पेश किया। जहां उसे 16 जून तक के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया। अंधविश्वास और अघोरी प्रथा के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले डॉ दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 को पुणे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। अदालत में सीबीआई के वकील ने कहा कि तावड़े सनातन संस्था के साल 2009 से फरार सदस्य सारंग अकोलकर के संपर्क में है। इसलिए उससे पूछताछ की जरूरत है। इससे पहले एक जून को सीबीआई ने पुणे स्थित सारंग अकोलकर तथा सनातन संस्था के पनवेल स्थित आश्रम में छापे मार थे।
संस्था पर प्रतिबंध की मांग तेज
सनातन संस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी तावड़े को सनातन संस्था से जुड़े हिंदू जनजागृति समिति का सदस्य बताया गया है। इसलिए सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग शुरू हो गई है।
गोवा बम धमाके में भी आया था सारंग का नाम
सारंग का नाम गोवा बम धमाके में सामने आया था। इसके अलावा डॉ. दाभोलकर की हत्या में काले रंग की होंडा मोटर साइकिल इस्तेमाल की गई थी। इससे मिलती-जुलती मोटर साइकिल तावड़े के पास से बरामद की गई है। दाभोलकर की हत्या से पूर्व कोल्हापुर में तावड़े ने उत्तेजक भाषण दिए थे।
'हिंदूवादी संगठन को बदनाम करने की हो रही साजिश'
अंधविश्वास निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ नरेंद्र दाभोलकर की हत्या मामले में डॉ. वीरेंद्र सिंह तावडे़ की गिरफ्तारी से सनातन संस्था भाजपा सरकार से नाराज हो गई है। वहीं, संस्था ने सीबीआई अधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया है। संस्था के प्रवक्ता अभय वर्तक ने शनिवार को कहा कि हिंदूवादी संगठन को बदनाम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर षड्यंत्र किया जा रहा है जबकि तावडे़ निर्दोष हैं।
अभय वर्तक ने कहा कि आम आदमी पार्टी गोवा में चुनाव की तैयारी कर रही है इसलिए हिंदूवादी संगठन को बदनाम कर अल्पसंख्यकों के वोट हासिल करना चाहती है। तावड़े कान, नाक और गले के डॉक्टर हैं। उनका घर सनातन संस्था के आश्रम से नजदीक ही था। इसलिए आश्रम में आने वाले मरीजों का मुफ्त इलाज करते थे।
साल 2007 से पहले वे हिंदू जनजागृति समिति के लिए काम करते थे लेकिन, अब वे किसी पद पर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमें पहले से पता था कि काग्रेंस द्वारा नियुक्त किया गया नायर सनातन संस्था को फंसाएगा।
कांग्रेस ने एक बार फिर संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग की