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कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार हुआ : सीपीसीबी
Thu, 24 Sep 2020 04:58 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 24 Sep 2020 04:58 AM IST
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Lockdown
- फोटो : अमर उजाला।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने कहा, कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। बोर्ड ने कहा, लॉकडाउन के दौरान वायु प्रदूषण में सुधार हुआ लेकिन इसकी भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ी। सीपीसीबी के 46वें स्थापना दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम में पर्यावरण राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने ‘परिवेशी वायु गुणवत्ता पर लॉकडाउन का प्रभाव’ रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट आईआईटी दिल्ली और कानपुर के सहयोग से सीपीसीबी के सदस्य सचिव प्रशांत गर्गवा की देखरेख में तैयार की गई।
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रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन के पहले चरण के दौरान पीएम 2.5 में 24 फीसदी की कमी आई। लॉकडाउन के चरणों के दौरान इसमें 2019 के मुकाबले 50 प्रतिशत की कमी देखी गई। सुप्रियो ने कहा कि सीपीसीबी पिछले चार दशकों से वायु प्रदूषण को कम करने और इस बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अहम भूमिका निभा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पीएम 2.5 में लॉकडाउन से पहले 24 प्रतिशत की कमी आई और लॉकडाउन के दोनों चरणों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई। वहीं, 2019 की तुलना में दूसरे चरण के दौरान पीएम-10 में 60 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जिसमें नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के स्तर में 64 फीसदी, बेंजीन में 62 फीसदी और सल्फर डाइऑक्साइड में 35 फीसदी की कमी दर्ज की गई।
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एनसीआर में वायु गुणवत्ता दिल्ली के ही समान रही
एनसीआर में वायु गुणवत्ता दिल्ली के समान ही रही। रिपोर्ट में कहा गया है, इन इलाकों में इस अवधि में पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई। गुरुग्राम में तेज सुधार के साथ ज्यादातर पड़ोसी इलाकों में लॉकडाउन के पहले चरण के दौरान पीएम 10 के स्तर में 61 प्रतिशत की कमी और गाजियाबाद में 2019 के स्तर की तुलना में पीएम 2.5 के स्तर में 54 प्रतिशत की कमी देखी गई। पीएम 10 के स्तर में 60 प्रतिशत से अधिक की कमी गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में लॉकडाउन के दूसरे चरण में, 2019 के स्तर की तुलना में देखने को मिला।
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