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कानपुर में गंगा मैली कर रही औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई का निर्देश, नहीं मानने पर बंद करने का आदेश

Thu, 27 Feb 2020 07:58 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Thu, 27 Feb 2020 07:58 PM IST
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CPCB Instructions for action on industrial units in Kanpur for polluting Ganga
गंगा में गिर रहे नाले

गंगा को प्रदूषित कर रहे कानपुर के नालों को रोकने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने यूपीपीसीबी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसमें कहा है कि जो औद्योगिक ईकाइयां इन्हें नहीं रोक रहीं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर, उन्हें बंद करने के आदेश दें। 29 फरवरी तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपे। साथ ही नालों की निगरानी कर साप्ताहिक रिपोर्ट भेजें।

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यूपीपीसीबी को लिखे पत्र में बोर्ड चेयरमैन आरएस प्रसाद ने कहा, किसी भी औद्योगिक ईकाई से हुआ उत्सर्जन बिना ट्रीटमेंट और तय मानकों पर खरा उतरे बिना गंगा में नहीं गिराया जा सकता। इससे पहले 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि सभी राज्य बोर्ड औद्योगिक ईकाइयों की नियमित जांच करें और खामी मिलने पर कार्रवाई करें।

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यह कार्रवाई करने को कहा

यूपीपीसीबी से कहा गया है कि वह मौके पर जाकर उन इकाइयों की पुष्टि करें, जो शीतला बाजार, वाजिदपुर और बुधिया घाटों से जाजमऊ में नालों के जरिए औद्योगिक उत्सर्जन गंगा में गिरा रहे हैं। पुष्टि होने पर उनको बंद करने, सील करने और बिजली काटने जैसी कार्रवाई करें। रतनपुर में गंगा के कैचमेंट क्षेत्र को प्रदूषित कर रहे नालों में औद्योगिक उत्सर्जन डाल रही इकाइयों पर भी ऐसी कार्रवाई करें। घाट पर मौजूद पंपिंग स्टेशनों का संचालन भी दुरुस्त रखें, ताकि गंदा पानी नदी में न जाए।

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एक हजार इकाइयां, 24 नाले खतरा

गंगा व सहायक नदियों के पानी की गुणवत्ता इन नालों से नदी में आ रही गंदगी, मलबे और कैमिकल उत्सर्जन से खराब हो रही है। ऐसी 1000 औद्योगिक इकाइयों को उत्तर प्रदेश में सूचीबद्ध किया गया जो सबसे अधिक जल प्रदूषण फैला रही हैं या फैला सकती हैं। मार्च 2019 तक उन्नाव के दो और कानपुर के 22 नाले निगरानी में लाए गए जो गंगा को प्रदूषित कर रहे थे।

चार नाले सबसे ज्यादा खतरनाक

दिसंबर 2019 से सात जनवरी 2020 तक सीपीसीबी द्वारा की गई निगरानी रिपोर्ट में चार नालों का उल्लेख किया गया, जिनसे औद्योगिक ईकाइयों का उत्सर्जन गंगा में गिर रहा है। ये नाले कानपुर के शीतला बाजार, वाजिदपुर, बुधिया घाट और रतनपुर क्षेत्रों में मौजूद हैं। पिछले वर्ष हुई कई बैठकों के बाद भी सुधार नहीं आया है।

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